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सरकार..! इस हाई स्कूल में महज एक कमरा, वो भी जर्जर, ऊपर से मौसम खराब, कैसे लगाएं क्लासिज

बरसात में कमरे की छत टपक रही है। दीवारें खस्ताहाल हो चुकी हैं। जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ रहा है।

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शिलाई : बरसात का सीजन जोर पकड़ चुका है। इस बीच सिरमौर के एक सरकारी स्कूल के खस्ताहाल एकमात्र कमरे की तस्वीरें सामने आईं हैं। उद्योग मंत्री के गृह निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले इस स्कूल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।

दरअसल, शिक्षा खंड बकरास के तहत राजकीय उच्च विद्यालय लोजा में बरसात के दिनों में बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसएमसी अध्यक्ष सुनील, गुरू कृपा नवयुवक मंडल लोजा के महासचिव प्रकाश शर्मा, ग्रामीण दीपराम, संतराम आदि ने बताया कि स्कूल में 70 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

2022 में मिडल से इस स्कूल को अपग्रेड कर हाई स्कूल किया गया। चूंकि, मिडल स्कूल की बिल्डिंग काफी जर्जर हालत में पहुंच चुकी थी। लिहाजा, इसे असुरक्षित घोषित कर डिस्मेंटल कर दिया गया। उसके बाद स्कूल एकमात्र कमरे में चल रहा है।

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उन्होंने बताया कि इस कमरे की हालत भी काफी खस्ताहाल है। भवन के अभाव में इसी एकमात्र कमरे में स्कूल का अन्य सारा सामान रखा गया है। बरसात में कमरे की छत टपक रही है। दीवारें खस्ताहाल हो चुकी हैं। जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ रहा है। यहां तक की स्कूल के शौचालय की हालत भी बद से बदतर बनी हुई है। इस कारण छात्राओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एसएमसी सहित नवयुवक मंडल ने संबंधित कमरे की तस्वीरें मीडिया से साझा करते हुए कहा कि जब मौसम साफ होता है, तो स्कूल परिसर में ही कक्षाएं लगाई जाती है, लेकिन बरसात के मौसम में समस्या काफी अधिक बढ़ जाती है।

उन्होंने बताया कि हालांकि वैकल्पिक कक्षाएं लगाने के लिए पिछले करीब 2 वर्षों से स्कूल से कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने अपने 3 कमरे दे रखे हैं, जिसमें मौसम खराब होने की स्थिति में कक्षाएं लगाई जाती हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक ग्रामीण भी यह कमरे उपलब्ध करवाएंगे। उनकी अपनी भी जरूरतें हैं।

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इतना ही नहीं साथ लगते प्राइमरी स्कूल का एक कमरा भी वैकल्पिक तौर पर उपलब्ध है, जहां कक्षाएं लगाई जाती हैं। ग्रामीणों ने कहा कि आखिर कब तक बच्चे वैकल्पिक व्यवस्थाओं में कक्षाएं ग्रहण करेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग को पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।

उन्होंने शिक्षा मंत्री सहित जिला प्रशासन से जल्द स्कूल में नई बिल्डिंग की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बच्चे सुरक्षित और आसानी से शिक्षा ग्रहण कर सके। साथ ही स्टाफ को भी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वहीं स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों ने भी सरकार, प्रशासन व शिक्षा विभाग से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।

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क्या कहते हैं अधिकारी?
राजकीय उच्च विद्यालय के कार्यवाहक मुख्य अध्यापक कपिल मालविया ने बताया कि स्कूल की नई बिल्डिंग के लिए 1.27 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा गया है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।

उधर, उपनिदेशक शिक्षा उच्च डा. हिमेंद्र सिंह बाली ने कहा कि फिलहाल मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इस बारे स्कूल के मुख्य अध्यापक से रिपोर्ट मांगी जाएगी। यदि ऐसा है, तो प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करवाया जाएगा।