सिरमौर में चयनित होगा एक सौर मॉडल गांव, मिलेगी एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता

एक किलोवॉट सोलर प्लांट रोजाना 4 से 5 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है. 3 किलोवाट प्लांट से प्रतिदिन 15 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे महीने में 450 यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है.

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सोलर पावर

नाहन|
जिला सिरमौर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत एक मॉडल सौर गांव चयनित करने के लिए 27 राजस्व गांवों की छंटनी की गई. इस योजना के तहत जिला स्तरीय समिति द्वारा मूल्यांकन करने के बाद एक चयनित मॉडल सौर गांव को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.

सहायक आयुक्त सिरमौर विवेक शर्मा ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस योजना का लक्ष्य सौर ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा देना है.

उन्होंने कहा कि इसके साथ साथ ग्रामीण समुदायों को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में आत्मनिर्भर बनाना, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना, सोलर ऊर्जा से चलने वाले उद्योगों को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति देना भी इसका मकसद है. इस योजना के तहत जिला स्तरीय समिति द्वारा मूल्यांकन करने के उपरांत एक चयनित मॉडल सौर गांव को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.

बैठक में वरिष्ठ परियोजना अधिकारी हिम उर्जा ओम प्रकाश ने इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि एक किलोवॉट सोलर प्लांट रोजाना 4 से 5 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है. 3 किलोवाट प्लांट से प्रतिदिन 15 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे महीने में 450 यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बिजली का इस्तेमाल करने के बाद बची हुई बिजली नेट मीटरिंग के जरिए ग्रीड में वापिस चली जाएगी, जिससे बची हुई बिजली का पैसा सोलर प्लांट लगाने वाले को मिलेगा. इस बैठक में अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड राहुल राणा सहित संबंधित पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.