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केंद्रीय बजट में हिमाचल दरकिनार, महंगाई की मार और खोखले वादे : अजय सोलंकी

अजय सोलंकी ने कहा कि बजट में न तो पहाड़ी राज्यों की जरूरतों को समझा गया है और न ही हिमाचल जैसे सीमावर्ती और आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए कोई विशेष प्रावधान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर बजट पूरी तरह मौन है।

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नाहन : केंद्रीय बजट को लेकर नाहन के विधायक और कांग्रेस नेता अजय सोलंकी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के हितों की पूरी तरह अनदेखी करता है और इससे महंगाई बढ़ेगी। उनके अनुसार यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला है, जिससे हिमाचल के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

अजय सोलंकी ने कहा कि बजट में न तो पहाड़ी राज्यों की जरूरतों को समझा गया है और न ही हिमाचल जैसे सीमावर्ती और आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए कोई विशेष प्रावधान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर बजट पूरी तरह मौन है।

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रेल कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि सिरमौर की जनता वर्षों से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन हर बजट में सिर्फ सपने दिखाए जाते हैं। हिमाचल की आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले बागवानों और किसानों के साथ भी इस बजट में अन्याय हुआ है। सेब उत्पादकों को आयात नीति, न्यूनतम समर्थन, उर्वरक और कीटनाशकों की बढ़ती कीमतों से राहत देने के बजाय सरकार ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के दावे अब मजाक बनकर रह गए हैं, जबकि बागवान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।

महंगाई को लेकर अजय सोलंकी ने कहा कि बजट के साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाना भाजपा सरकार की असल सोच को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी, ढाबा संचालक और स्वरोजगार से जुड़े लोग पहले ही मुश्किल में हैं और यह महंगाई उनकी रोजी-रोटी पर सीधा हमला है। महिला सुरक्षा और सुविधाओं पर भी उन्होंने बजट को खोखला करार दिया। उनका कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आंगनबाड़ी, पोषण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए बजट में कोई ठोस योजना नजर नहीं आती। बढ़ती असुरक्षा के बीच महिलाओं के लिए केवल भाषण दिए जा रहे हैं, समाधान नहीं।

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अजय सोलंकी ने कहा कि यह बजट हिमाचल के युवाओं के लिए भी निराशाजनक है। न रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना है और न ही पलायन रोकने की दिशा में कोई पहल। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट आंकड़ों का मायाजाल है, जिसमें आम जनता, किसान, बागवान, महिलाएं और युवा सभी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता अब जुमलों और खोखले वादों से ऊब चुकी है और समय आने पर भाजपा को इस अनदेखी का जवाब जरूर देगी।

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