शिमला : हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने नई दरों की अधिसूचना जारी करते हुए बिजली की कीमतों में एक पैसा प्रति यूनिट की कटौती की है। यह नई दरें एक अप्रैल से प्रदेश के करीब 28 लाख उपभोक्ताओं पर लागू होंगी। नियामक आयोग ने बुधवार को नया टैरिफ प्लान जारी किया। घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी।
सरकार के निर्देश पर बिजली बोर्ड ने दरें न बढ़ाने के लिए आयोग में याचिका दायर की थी, ताकि सब्सिडी में बदलाव के बावजूद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसी के मद्देनजर आयोग ने दरों में वृद्धि नहीं की, बल्कि मामूली कटौती कर राहत दी है। खासतौर पर औद्योगिक उपभोक्ताओं को इसका अधिक लाभ मिलेगा, क्योंकि उनकी बिजली खपत ज्यादा होती है।
नए टैरिफ में घरेलू उपभोक्ताओं में से लाइफ लाइन कंज्यूमर 0 से 60 यूनिट तक 4 रुपये 71 पैसे प्रति यूनिट का टैरिफ लगेगा। अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को 0 से 125 यूनिट तक 5 रुपये 44 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ है, मगर सरकार इन दोनों वर्गों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सब्सिडी प्रदान कर रही है। 126 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर 5 रुपये 89 पैसे प्रति यूनिट दर तय की गई है।
कृषि उपभोक्ताओं को 5.03 रुपये प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को 6.37 रुपये प्रति यूनिट और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 6.11 से 6.20 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। वहीं लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए दर 5.60 रुपये प्रति यूनिट और बड़े उद्योगों के लिए 5.45 से 5.55 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। ईवी चार्जिंग के लिए 6.78 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होगी।
आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली बोर्ड की वार्षिक राजस्व आवश्यकता 8,636.16 करोड़ रुपये आंकी है, जो पिछले वर्ष 8,403.25 करोड़ रुपये थी। वहीं औसत आपूर्ति लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जो पिछले साल के मुकाबले एक पैसा कम है।



