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प्यासों को पानी, यात्रियों को लंगर… निर्जला एकादशी पर नाहन समेत जिलेभर में सजी छबीलें, कमाया पुण्य

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पावन निर्जला एकादशी गुरुवार को जिला सिरमौर में श्रद्धा, सेवा और दान-पुण्य के उत्साह के साथ मनाई गई।

नाहन : ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पावन निर्जला एकादशी गुरुवार को जिला सिरमौर में श्रद्धा, सेवा और दान-पुण्य के उत्साह के साथ मनाई गई। भीमसेन एकादशी और पांडव एकादशी के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व पर जिलेभर में धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने छबीलें लगाकर राहगीरों को शीतल पेय वितरित किया और मानव सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशियों में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते मंदिरों और धार्मिक स्थलों में सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। लोगों ने अन्न, जल, वस्त्र और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान कर पुण्य अर्जित किया।ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पावन निर्जला एकादशी गुरुवार को जिला सिरमौर में श्रद्धा, सेवा और दान-पुण्य के उत्साह के साथ मनाई गई।

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नाहन के मोहल्ला गोबिंदगढ़ की साध-संगत ने एनएच-07 स्थित दो सड़का क्षेत्र में विशेष छबील और अटूट लंगर का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच यहां बड़ी संख्या में राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने शीतल जल और शरबत ग्रहण किया। वहीं, हेमकुंड साहिब यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष लंगर की व्यवस्था की गई, जहां उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन और शीतल पेय परोसे गए।

सेवा कार्य में भाई बलजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, अवकाश सिंह, अमरजीत सिंह, अवतार सिंह, गुरबख्श सिंह, प्रताप सिंह, लाल सिंह और हरविंदर सिंह सहित अन्य संगत ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे दिन गुरु घर की परंपरा के अनुरूप निस्वार्थ सेवा का क्रम जारी रहा।

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इस अवसर पर भाई प्रताप सिंह ने कहा कि निर्जला एकादशी आत्मसंयम, त्याग और सेवा का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद की सहायता करना, प्यासे को पानी पिलाना और भूखे को भोजन कराना भी सच्ची ईश्वर भक्ति है। ऐसे अवसर समाज में प्रेम, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं और लोगों को सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

उधर, कालाअंब, पांवटा साहिब, धौलाकुआं और नाहन सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने छबीलों का आयोजन किया। दिनभर शरबत, ठंडे पेय और जल का वितरण होता रहा। भीषण गर्मी के बीच लोगों ने सेवा भाव से राहगीरों की प्यास बुझाकर निर्जला एकादशी के पर्व को श्रद्धा, भक्ति और मानव कल्याण की भावना के साथ मनाया।

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Aapki Baat News Desk
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