सोलन : हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को मिल रहे भारी भरकम बिजली बिलों को लेकर लगातार नाराजगी सामने आ रही है। सोलन जिले के जौणाजी में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के दौरान एक उपभोक्ता ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के सामने अपनी परेशानी रखते हुए भारी बिलों को लेकर कड़ा विरोध जताया।

उपभोक्ता ने साफ कहा कि घर की बिजली कट चुकी है, फिर भी बिजली बोर्ड ने उसे 12 हजार का एक और 4500 रुपये का दूसरा बिल थमा दिया। बुजुर्ग दिलीप ने बताया कि वर्तमान में वह सिरमौर में रहता है। पहले उसका बिजली बिल करीब 300 रुपये आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बिल कई गुना बढ़ गया। उन्होंने कहा कि उसका सालाना खर्च ही लगभग 15 हजार रुपये है। ऐसे में इतने बड़े बिल का भुगतान करना उसके लिए संभव नहीं है। वह कई बार बिजली दफ्तर के चक्कर लगा चुका है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।
कार्यक्रम के दौरान उपभोक्ता ने भावुक होकर कहा कि उसे बिजली की जरूरत नहीं है और उसकी जमीन पर लगा खंबा भी हटा दिया जाए। वह पहले की तरह दीया जलाकर गुजारा कर लेगा। उसकी यह बात सुनकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। इस पर बिजली बोर्ड के अधिकारी राहुल वर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और बिल की पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने 4 मार्च को मौके का निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने भी अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बता दें प्रदेश के विभिन्न जिलों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिलों की शिकायतें सामने आ रही हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उपभोक्ता इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पारदर्शिता के उद्देश्य से लागू की गई स्मार्ट मीटर व्यवस्था कई स्थानों पर उल्टा परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है।



