HomeHimachalSolanVAHAN पोर्टल में छेड़छाड़ का बड़ा खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी आईडी...

VAHAN पोर्टल में छेड़छाड़ का बड़ा खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी आईडी से चला रहे थे पूरा रैकेट

जिला सोलन में वाहन पंजीकरण से जुड़े एक बड़े संगठित साइबर और दस्तावेजी धोखाधड़ी मामले का जिला पुलिस ने खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सोलन : जिला सोलन में वाहन पंजीकरण से जुड़े एक बड़े संगठित साइबर और दस्तावेजी धोखाधड़ी मामले का जिला पुलिस ने खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद आज आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि VAHAN पोर्टल में अवैध छेड़छाड़ कर वाहन पंजीकरण, स्वामित्व हस्तांतरण और तकनीकी विवरणों में हेरफेर कर करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन किया गया।

यह मामला 26 जनवरी 2026 को सामने आया था, जब R&LA सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल की शिकायत पर पुलिस थाना सदर सोलन में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि कुछ वाणिज्यिक वाहनों के पंजीकरण, लोडेड वेट में बदलाव और स्वामित्व हस्तांतरण में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। प्रारंभिक जांच में VAHAN पोर्टल के डिजिटल रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और सरकारी लॉगिन का दुरुपयोग सामने आया।

ये भी पढ़ें:  जमटा-बिरला सड़क का यातायात डायवर्ट, 31 मार्च तक इन वैकल्पिक मार्गों का करें इस्तेमाल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोलन द्वारा उप पुलिस अधीक्षक अशोक चौहान के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि बिना मोटर वाहन निरीक्षक के निरीक्षण और बिना पूर्ण दस्तावेजों के वाहनों का पंजीकरण किया गया। साथ ही पोर्टल में अनधिकृत बदलाव कर नियमों को दरकिनार किया गया।

एसपी सोलन टी एसडी वर्मा के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि RLA सोलन कार्यालय में कार्यरत क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की आधिकारिक आईडी के अलावा “JITENTHA” और “DRPOONAM” नाम से फर्जी यूजर आईडी बनाई गई थीं। इन आईडी के जरिए वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया को अवैध रूप से पूरा किया गया। तकनीकी जांच में IP लॉग्स, OTP रिकॉर्ड और CDR एनालिसिस के जरिए यह सामने आया कि RLA झंडूता में तैनात क्लर्क गौरव भारद्वाज इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था, जिसने एडमिन क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर सिस्टम में अवैध प्रवेश किया।

ये भी पढ़ें:  यहां पढ़ाने के साथ झाड़ू थामने को मजबूर हुईं टीचर : 75 बच्चों का भविष्य संवारने के साथ शौचालयों की सफाई... खोल रही व्यवस्थाओं की पोल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गौरव भारद्वाज ने एजेंटों का एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था, जिनके माध्यम से वाहन मालिकों से अवैध धन वसूला जाता था। इसके बदले में वाहनों के दस्तावेजों में हेरफेर कर लोडेड वेट बढ़ाना, ओनर सीरियल नंबर बदलना, हाइपोथिकेशन हटाना और बिना वैधानिक प्रक्रिया के ट्रांसफर करना जैसे काम किए जाते थे।

वित्तीय जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के बैंक खातों में विभिन्न माध्यमों से करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है, जो एक बड़े आर्थिक अपराध और आपराधिक षड्यंत्र की ओर संकेत करता है। इस मामले में पुलिस ने जितेंद्र ठाकुर (41) निवासी चंडी, कसौली (सोलन), अनिल कुमार (42) निवासी मुकराना, झंडूता (बिलासपुर), राज कुमार (39) निवासी ढठवाड़ा (ऊना), जितेंद्र कुमार (34) निवासी तुनाई, सुंदरनगर (मंडी), नरेश कुमार (43) निवासी भोह (बिलासपुर) और विकास सिंह उर्फ शालू (27) निवासी करोह, नूरपुर (कांगड़ा) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:  सिरमौर में हादसा, गहरी खाई में लुढ़का टिप्पर, एक की गई जान, दूसरा गंभीर

एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस संगठित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है, ताकि इस पूरे रैकेट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Desk
"आपकी बात न्यूज़" एक लोकप्रिय हिंदी समाचार प्लेटफॉर्म है, जो राजनीति, समसामयिक घटनाओं, मनोरंजन, खेल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर ताजे अपडेट्स प्रदान करता है।

Latest Articles

Explore More