ई-केवाईसी के लिए आधार अपडेट कराना बना परेशानी, बुजुर्ग खा रहे धक्के

बता दें कि जमीनों का अधिकतर रिकार्ड बुजुर्गों के नाम ही होता है. इनमें से अधिकतर बुजुर्ग ऐसे हैं, जिन्हें अपनी जन्म तिथि का ही सही ज्ञान नहीं है और न ही इससे संबंधित कोई सरकारी दस्तावेज उनके पास हैं. ऐसे में बुजुर्गों के लिए जमाबंदी आधार से लिंक कराना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.

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नाहन|
सरकार की ओर से जारी रेवेन्यु रिकार्ड की ई-केवाईसी के लिए इन दिनों बड़े स्तर पर कार्य चला हुआ है. जहां सरकार लोगों को घरद्वार सुविधाएं देने के दावे करती है, वहीं 60 से 80 साल के बुजुर्ग, जो चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं, उन्हें ई-केवाईसी को लेकर आधार कार्ड की अपडेटेशन के लिए जिला मुख्यालय नाहन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. जबकि, प्रशासन और सरकार को ये सुविधा संबंधित क्षेत्र की पंचायतों और पटवार खानों में ही उपलब्ध करवाई जानी चाहिए थी.

हैरानी इस बात की है कि जिला के अधिकतर क्षेत्रों में आधार केंद्र नहीं हैं. बताया ये भी जा रहा है कि दूरदराज क्षेत्रों में पहले खोले गए आधार केंद्र भी अब अस्तित्व में नहीं हैं. ऐसे में आधार को अपडेट करने का कार्य जिला मुख्यालय पर हो रहा है.

बता दें कि जमीनों का अधिकतर रिकार्ड बुजुर्गों के नाम ही होता है. इनमें से अधिकतर बुजुर्ग ऐसे हैं, जिन्हें अपनी जन्म तिथि का ही सही ज्ञान नहीं है और न ही इससे संबंधित कोई सरकारी दस्तावेज उनके पास हैं. ऐसे में बुजुर्गों के लिए जमाबंदी आधार से लिंक कराना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.

सैनधार क्षेत्र की नेहर सवार पंचायत के पनेवटा गांव के पूर्ण चंद शर्मा ने बताया कि उनके क्षेत्र और आसपास की पंचायतों के 100 से भी अधिक लोग आधार कार्ड अपडेटेशन के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं. वीरवार को वह भी नाहन पहुंचे थे, लेकिन आधार कार्ड अपडेट करने का कार्य नहीं हो सका. लंबी लाइन में लगने के बाद जब उनका नंबर पड़ा तो कहा गया कि वे कल आएं.

उन्होंने ये भी कहा कि आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए क्या दस्तावेज साथ लाए जाएं, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में गांव के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग लोगों को जिन्हें अपनी जन्म तिथि का ही ज्ञान नहीं है, वे अपने आधार कार्ड कैसे अपडेट करवाएंगे, ये बड़ा सवाल है. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी जन्मतिथि को अपडेट करवाना है. अब इसे अपडेट करवाने के लिए कितने चक्कर काटने पड़ेंगे, ये भी पता नहीं है.

बहरहाल, सरकार को चाहिए कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर ही आधार कार्ड अपडेट करने का कार्य कराया जाए. ताकि, बुजुर्गों को बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें.

उधर, जिला राजस्व अधिकारी चेतन चौहान ने बताया कि इन दिनों जमाबंदी को आधार से लिंक करने का कार्य शुरू किया गया है. आधार में दुरूस्ती के लिए जिला मुख्यालय में ये सुविधा दी गई है. आधार अपडेटेशन के बाद जमाबंदी लिंक करने का कार्य संबंधित हल्का पटवारी करेंगे.