सराहां : पच्छाद उपमंडल की ग्राम पंचायत सराहां के टिक्कर गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. आलम यह है कि 12 दिनों से नलों में पानी की बूंद नहीं टपकी है. लिहाजा, लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है. प्यास बुझाने के लिए ग्रामीण बावड़ी से पानी ढोने को मजबूर हो रहे हैं.
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बता दें कि सैर भराल टिक्कर उठाऊ पेयजल योजना से टिक्कर गांव में पानी की आपूर्ति होती है. अभी गर्मियां भी शुरू नहीं हुई हैं और पेयजल संकट मंडराने लगा है. अब इसे जल शक्ति विभाग की लापरवाही कहें या फिर पानी की आपूर्ति करने वाले कर्मचारी की मनमानी. दरअसल, अभी योजना में पानी की किल्लत नहीं है और जिस तरह से राशनिंग हो रही है, उससे ग्रामीणों की विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रहा रही है.
टिक्कर गांव के ग्रामीण संजय पाल, रतन सिंह, सतीश कुमार, तृप्ता देवी, विद्या देवी, रणजीत सिंह, जगदीश सिंह, वीरेंद्र सिंह, अनीता ठाकुर, कमलेंद्र ठाकुर, रणधीर सिंह, कृष्णा देवी, निर्मला देवी और रमेश पुंडीर ने बताया कि फरवरी माह में 10-10 दिनों के बाद पानी दिया गया था और मार्च महीने में अभी तक एक बार भी पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है. इससे गांव की 250 के करीब आबादी को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रह है.
उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग को पानी न आने की सूचना कई बार दी गई है, लेकिन अधिकारी सुध ले रहे और ना ही कर्मचारी. पानी की सप्लाई खोलने वाले कर्मचारी कभी बिजली न होने तो कभी मशीनरी में खराबी और वोल्टेज कम होने की बात कहते आ रहे हैं.
लोगों का आरोप है कि जब इस योजना से सैर भराल, चरावग, बरासडा अन्य गांवों को हर तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है तो टिक्कर गांव के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है. जबकि जल शक्ति विभाग का जहां पर बोर लगा हुआ है, वह टिक्कर गांव वालों की ही जमीन है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि अधिकारियों ने जल्द पानी की सप्लाई सुचारू नहीं की, तो पहले विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो न्यायालय की शरण में भी जाएंगे. इसके लिए जल शक्ति विभाग के अधिकारी जिम्मेवार होंगे.
उधर, जल शक्ति विभाग के एक्सईएन जोगिंद्र सिंह ने बताया कि पानी की सप्लाई क्यों नहीं हो रही है, इसका पता लगाया जाएगा. एसडीओ और जेई को पानी की सप्लाई बहाल करने के निर्देश दिए जा रहे हैं.