HomeHimachalSirmaur3 माह से नहीं मिला केंद्र का मानदेय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं...

3 माह से नहीं मिला केंद्र का मानदेय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का टूटा सब्र, नाहन से भेजे ज्ञापन 

यूनियन ने चेताते हुए कहा कि यदि तीन माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी नहीं किया गया और मातृत्व अवकाश व हिम-केयर जैसी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में यह संघर्ष पूरे प्रदेश में और अधिक तेज किया जाएगा।

नाहन : आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार को अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर एडीएम सिरमौर से मुलाकात की। प्रोजेक्ट नाहन की महासचिव शीला ठाकुर की अध्यक्षता में मिले प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान प्रधानमंत्री और निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम उन्हें ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने दो-टूक शब्दों में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यूनियन की महासचिव शीला ठाकुर, जिला सह-सचिव सीता तोमर और बसंती ने कहा कि पिछले तीन महीनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को केंद्र का मानदेय जारी नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मातृत्व अवकाश के नियमों में किए गए बदलावों को अवैध करार देते हुए कहा कि इसे एक वर्ष की सेवा शर्त से जोड़ना मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 और संविधान के अनुच्छेद 42 का स्पष्ट उल्लंघन है।

ये भी पढ़ें:  हिमाचल में मौसम का ‘ऑरेंज वार’! आज-कल आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट

यूनियन ने मांग की कि महिलाओं पर ऐसी शर्तें थोपना बंद किया जाए और मातृत्व अवकाश को सेवा के पहले दिन से ही अधिकार के रूप में बहाल किया जाए। स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही दिक्कतों पर रोष प्रकट करते हुए यूनियन ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनने के बाद पुराने हिम-केयर कार्ड निष्क्रिय कर दिए गए हैं, जबकि तकनीकी कारणों से नए कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इसके चलते न्यूनतम मानदेय पर काम करने वाली बहनें और उनके परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा से पूरी तरह बाहर हो गए हैं।

यूनियन ने एफआरएस एप की अनिवार्यता को भी तुरंत समाप्त करने की मांग की, क्योंकि इस तकनीकी जटिलता के कारण लाखों बच्चे और गर्भवती महिलाएं सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल में मीरा, जिला कमेटी सदस्य बसंती, लता, सुलोचना, सीमा रानी और पुष्पा सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल रहीं। यूनियन ने चेताते हुए कहा कि यदि तीन माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी नहीं किया गया और मातृत्व अवकाश व हिम-केयर जैसी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में यह संघर्ष पूरे प्रदेश में और अधिक तेज किया जाएगा।

ये भी पढ़ें:  1500 की आबादी वाली हिमाचल की इस पंचायत ने किया कमाल! पूरे देश में तीसरा स्थान, मिले 25 लाख रुपए

ये भी पढ़ें :

Hitesh Sharma
Hitesh Sharmahttps://aapkibaatnews.com
हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

Latest Articles

Explore More