नाहन : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरमौर द्वारा ‘मेडिएशन फॉर नेशन 2.0’ अभियान के तहत जिले भर में व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य लोगों को मध्यस्थता (मेडिएशन) के महत्व और इसके लाभों के बारे में जागरूक करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर के सचिव ने बताया कि मध्यस्थता विवादों के निस्तारण का एक प्रभावी, सरल और सौहार्दपूर्ण माध्यम है, जिसमें पक्षकार आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से समय और धन की बचत होने के साथ-साथ आपसी संबंध भी प्रभावित नहीं होते।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पैरा लीगल वालंटियर्स के सहयोग से लोगों को मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सचिव ने कहा कि मध्यस्थता न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे छोटे-बड़े विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता का अधिकाधिक उपयोग करें और इस जनहितकारी अभियान से जुड़कर इसकी सफलता में योगदान दें।
सचिव ने बताया कि मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी प्रकार की जानकारी या कानूनी सहायता के लिए आम नागरिक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
