ऊना : हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में अब विद्यार्थियों पर निजी प्रकाशकों की किताबें थोपने पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऊना के उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने जिले के सभी निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यार्थियों के लिए केवल एनसीईआरटी (NCERT)/एससीईआरटी (SCERT) द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। आदेशों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, ऊना सोम लाल धीमान ने बताया कि यह निर्देश निदेशालय स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश से प्राप्त आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के सभी निजी विद्यालय, चाहे वे सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध हों अथवा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से, विद्यार्थियों पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को अनिवार्य नहीं बना सकते। सभी विद्यालयों को संबंधित बोर्ड एवं एनसीईआरटी/एससीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों को ही अनिवार्य रूप से लागू करना अनिवार्य है।
उप निदेशक ने सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप केवल अधिकृत पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि विद्यार्थियों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी विद्यालय में निर्धारित पुस्तकों के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की पुस्तकों का अनिवार्य उपयोग पाया जाता है अथवा इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 तथा हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षणिक संस्थान (विनियमन) अधिनियम, 1997 एवं नियम, 2003 के प्रावधानों के तहत संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
