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आवश्यक वस्तुओं पर अधिकतम लाभ मार्जिन निर्धारित, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं के लिए अलग-अलग लाभ सीमा तय

जिला दंडाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने ‘हिमाचल प्रदेश जमाखोरी और मुनाफाखोरी निवारण आदेश, 1977’ के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला बिलासपुर में आवश्यक वस्तुओं के लिए अधिकतम लाभ मार्जिन निर्धारित करने संबंधी अधिसूचना जारी की है।

बिलासपुर : जिला दंडाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने ‘हिमाचल प्रदेश जमाखोरी और मुनाफाखोरी निवारण आदेश, 1977’ के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला बिलासपुर में आवश्यक वस्तुओं के लिए अधिकतम लाभ मार्जिन निर्धारित करने संबंधी अधिसूचना जारी की है।

इस आदेश के तहत थोक एवं खुदरा विक्रेताओं द्वारा अर्जित किए जाने वाले अधिकतम लाभ की सीमाएं निर्धारित की गई हैं, ताकि उपभोक्ताओं को वस्तुएं उचित दरों पर उपलब्ध हो सकें तथा अनावश्यक मुनाफाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

अधिसूचना के अनुसार खाद्यान्न (गेहूं, चना, जौ एवं चावल), गुड़, शक्कर, खांडसारी, चीनी, दालें, कागज, मोटे ऊनी कपड़े तथा चाय पत्ती पर थोक बिक्री में अधिकतम 2.5 प्रतिशत तथा खुदरा बिक्री में अधिकतम 5.5 प्रतिशत लाभ मार्जिन निर्धारित किया गया है।

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इसी प्रकार कॉपियों एवं अभ्यास पुस्तिकाओं पर थोक मार्जिन 4 प्रतिशत तथा खुदरा मार्जिन 7.5 प्रतिशत, अंडों पर थोक मार्जिन 5 प्रतिशत तथा खुदरा मार्जिन 7.5 प्रतिशत और ब्रेड पर थोक मार्जिन 7.5 प्रतिशत तथा खुदरा मार्जिन 8.5 प्रतिशत अथवा अंकित मूल्य, जो भी लागू हो, निर्धारित किया गया है।

फल एवं जल्द खराब न होने वाली सब्जियों, जिनमें प्याज, आलू, लहसुन, अदरक, अरबी एवं जिमीकंद शामिल हैं, के लिए थोक विक्रेताओं का लाभ मार्जिन 5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। इसमें लागू होने पर 1 प्रतिशत बाजार शुल्क भी शामिल होगा।

खुदरा विक्रेताओं के लिए इन वस्तुओं पर भाड़ा, लोडिंग-अनलोडिंग एवं नुकसान सहित 24 प्रतिशत लाभ मार्जिन निर्धारित किया गया है। अन्य जल्द खराब होने वाली सब्जियों के लिए खुदरा लाभ मार्जिन 39 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त एलपीजी, केरोसिन, मांस/चिकन/मछली, दूध, दही, पनीर और पके हुए भोजन की दरें जिला मजिस्ट्रेट द्वारा समय-समय पर निर्धारित दरों के अनुसार ही वसूल की जाएंगी।

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अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि थोक एवं खुदरा दोनों प्रकार के व्यवसाय में संलग्न व्यापारी एक ही वस्तु पर केवल एक ही स्थान एवं एक ही स्तर पर निर्धारित लाभ मार्जिन वसूल कर सकेंगे। सचिव एपीएमसी ‘फॉर्म-आर’ तथा ‘फॉर्म-क्यू’ भी जारी करवाना सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त, सभी खुदरा विक्रेताओं को अपने व्यावसायिक परिसर में मूल्य सूची इस प्रकार प्रदर्शित करनी होगी कि ग्राहक उसे आसानी से देख सकें।

जिला दंडाधिकारी ने जिला बिलासपुर के सभी उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम), उप-पुलिस अधीक्षकों, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निरीक्षकों तथा एपीएमसी सचिव को अधिसूचना के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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