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सतलुज में अब यहां भी उठा सकेंगे रिवर राफ्टिंग का रोमांच, 4 KM का नया स्ट्रेच टेस्ट में पास, बढ़ेंगी साहसिक पर्यटन गतिविधियां

परीक्षण के दौरान गठित समिति ने नदी के इस हिस्से को रिवर राफ्टिंग गतिविधियों के संचालन के लिए उपयुक्त पाया।

शिमला : हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पर्यटन विभाग ने सतलुज नदी में रिवर राफ्टिंग की नई संभावनाओं का सफल परीक्षण किया है।

पर्यटन विभाग द्वारा 6 नवंबर, 2026 को आयोजित निरीक्षण एवं परीक्षण के दौरान रिवर राफ्टिंग के लिए कुमारसैन क्षेत्र के सैंज के करीब मायापुरी से लुहरी लगभग 4 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच को उपयुक्त पाया गया। इस पहल से शिमला जिला में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी, शिमला जगदीश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सतलुज नदी का यह नया राफ्टिंग स्ट्रेच साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विविधीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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परीक्षण के दौरान गठित समिति ने नदी के इस हिस्से को रिवर राफ्टिंग गतिविधियों के संचालन के लिए उपयुक्त पाया। निरीक्षण में अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक अविनाश नेगी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी शिमला सहित संबंधित तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि सतलुज नदी में इससे पहले चाबा से तत्तापानी तक रिवर राफ्टिंग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब एक अन्य रिवर राफ्टिंग साइट की संभावनाएं विकसित होने से इस क्षेत्र में साहसिक पर्यटन का दायरा बढ़ेगा।

इससे पर्यटकों को राफ्टिंग के नए अनुभव उपलब्ध होंगे और शिमला जिला पर्यटन के एक महत्वपूर्ण साहसिक गतिविधि केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकेगा।

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उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग गतिविधियों के संचालन के लिए चार ऑपरेटर पंजीकृत हैं। नई साइट विकसित होने से रिवर राफ्टिंग से जुड़े पर्यटन कारोबार, होटल एवं अन्य आतिथ्य सेवाओं तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की संभावनाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।

जगदीश शर्मा ने कहा कि सतलुज नदी में रिवर राफ्टिंग की नई संभावनाओं का विकास शिमला जिला में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक एवं भौगोलिक विशेषताओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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इससे शिमला आने वाले पर्यटकों को पारंपरिक पर्यटन स्थलों के अतिरिक्त साहसिक गतिविधियों का विकल्प मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन की अवधि तथा विविधता बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है।

Aapki Baat News Desk
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