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धगाना में शिव महापुराण कथा के नवें दिन जलंधर और हिरण्याक्ष प्रसंग का वर्णन

यह ज्ञान यज्ञ जगत राम ठाकुर, उनकी पत्नी बेलमंती देवी, पुत्र रणवीर ठाकुर और मोनी ठाकुर द्वारा क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि के लिए आयोजित किया जा रहा है। सोमवार सुबह हवन पूर्णाहुति, दोपहर में कथा और दोपहर बाद विशाल भंडारे के साथ 10 दिवसीय कथा का समापन होगा।

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नाहन : विधानसभा क्षेत्र नाहन की क्यारी पंचायत के धगाना गांव में आयोजित श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ के नवें दिन जलंधर, वृंदा, हिरण्याक्ष, शुक्राचार्य और दंभ से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया। व्यास पीठ से आचार्य पंडित मुनीराम शर्मा ने श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण करवाया।

यह ज्ञान यज्ञ जगत राम ठाकुर, उनकी पत्नी बेलमंती देवी, पुत्र रणवीर ठाकुर और मोनी ठाकुर द्वारा क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि के लिए आयोजित किया जा रहा है। सोमवार सुबह हवन पूर्णाहुति, दोपहर में कथा और दोपहर बाद विशाल भंडारे के साथ 10 दिवसीय कथा का समापन होगा।

कथा के दौरान आचार्य ने कहा कि भगवान शिव के क्रोध के तेज से समुद्र में उत्पन्न जलंधर अत्यंत शक्तिशाली दैत्य था, जिसे पत्नी वृंदा के पतिव्रत धर्म के कारण अजेयता प्राप्त थी। वृंदा की पवित्रता भंग होने के बाद ही भगवान शिव ने जलंधर का वध किया और अंत में वह शिव में विलीन हो गया। दैत्य गुरु शुक्राचार्य द्वारा दिए गए ज्ञान से जलंधर ने तीनों लोकों पर अधिकार किया और माता पार्वती को पाने की इच्छा से कैलाश पर आक्रमण किया था।

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हिरण्याक्ष प्रसंग में बताया गया कि ब्रह्मा से वरदान प्राप्त कर उसने पृथ्वी को रसातल में छिपा दिया था, जिसके बाद भगवान विष्णु ने वराह अवतार धारण कर उसका वध कर पृथ्वी को पुनः स्थापित किया। कथा में दंभ को अहंकार का प्रतीक बताते हुए कहा गया कि इसी अहंकार के कारण जलंधर का पतन हुआ। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया।