पांगी : जिले चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी के चलौली गांव में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। ये घटना एक बार फिर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी तंत्र की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब पांच बजे किलाड़ सब डिपो से चलौली रूट के लिए बस रवाना हुई थी। गांव के पास पहुंचने पर सवारियों को उतारने के बाद जैसे ही चालक बस को मोड़ने लगा, तभी बस का पिछला टायर सड़क से बाहर की ओर खिसक गया। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गांव के बीचोंबीच बनी सड़क बेहद संकरी है और वहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है। इस बीच चलती बस के नीचे अचानक सड़क का डंगा धंस गया और कुछ क्षणों के लिए यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए सभी सवारियों को सुरक्षित नीचे उतार दिया और बस को वहीं खड़ा रहने दिया। बताया जा रहा है कि यदि उस समय जरा सी भी चूक हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे की स्थिति में न केवल बस सवार लोगों की जान खतरे में पड़ती, बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
मंगलवार सुबह जेसीबी की मदद से बस को सुरक्षित स्थान से धक्का देकर निकाला गया और उसे वापस किलाड़ मुख्यालय के लिए रवाना किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में सड़क को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।



