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CM सुखविंद्र सुक्खू बोले- प्रदेश में अगले 8 महीनों में सभी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होगी हाई-एंड तकनीक

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को आईजीएमसी शिमला से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि अगले 90 दिनों में 14 वर्ष की आयु की 65000 लड़कियों को यह टीका लगाया जाएगा।

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शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को आईजीएमसी शिमला से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि अगले 90 दिनों में 14 वर्ष की आयु की 65000 लड़कियों को यह टीका लगाया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील करते हुए जन जागरूकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में बढ़ते कैंसर के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी से लड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। पिछले 40 वर्षों से सरकारें एक ही ढर्रे पर चलती रहीं। आज कैंसर जैसी बीमारी का इलाज संभव है, अगर सही समय पर सही इलाज मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 300 करोड़ रुपये की लागत से हमीरपुर में स्टेट ऑफ दी आर्ट कैंसर अस्पताल बनाने जा रही है, ताकि रोगियों को प्रदेश में ही सस्ता और सुलभ इलाज उपलब्ध हो सके।

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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले लगभग 8 महीनों में आईजीएमसी समेत प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में विश्व स्तरीय तकनीक से लैस उपकरण और मशीनें स्थापित करने जा रही है। आने वाले तीन वर्षों में प्रदेश के सभी जोनल अस्पतालों, आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों, पीएचसी, सीएचसी में भी एम्स की तर्ज पर आधुनिक तकनीक उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में हेल्थ टूरिज्म को विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जिसका लाभ प्रदेश के लोगों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र से जुड़े डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और तकनीशियन को होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हाई-एंड मशीनें और उपकरण लगाने के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई रिफॉर्म किए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सों और टैक्निकल स्टाफ जैसे आप्रेशन थियेटर असिसटेंट, रेडियोग्राफर आदि के पद स्वीकृत किए हैं, जिन्हें भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को आईजीएमसी में आधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया गया है, क्योंकि यहां पर 19 साल पुरानी मशीन काम कर रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘आम आदमी की पीड़ा को समझकर उसके कल्याण के लिए फैसले करना ही व्यवस्था परिवर्तन है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पांचों मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत करने जा रही है। चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरूआत करने के बाद 10 मार्च को आईजीएमसी में भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी।

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इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा व सुरेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा राकेश शर्मा, मिशन निदेशक, एनएचएम प्रदीप ठाकुर और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।