नाहन : राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी जिला सिरमौर के प्रवास कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को तहसील ददाहू में आयोजित राजस्व लोक अदालत में विशेष रूप से शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने शिरूमाईला में फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र (पीसीडीओ) और एचपी शिवा क्लस्टर इकाई डूंगीसेर का निरीक्षण किया।

राजस्व मंत्री ने लोक अदालत में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की भूमि विवाद, इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड सुधार मामलों संबंधी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत प्रदेश सरकार की एक विशेष और जन-हितैषी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को राजस्व से जुड़े भूमि संबंधी मामलों का त्वरित, सरल और सुलह-आधारित समाधान प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत को पारंपरिक राजस्व अदालतों की तुलना में कम खर्चीला, कम औपचारिक और जल्दी निपटान वाला मंच बनाया गया है ताकि आम लोगों के लंबित विवादों का जल्द समाधान हो सके। उन्होंने फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र शिरूमाईला के निरीक्षण दौरान विभाग द्वारा लोगों के प्रदर्शन के लिए लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के पौधों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को मौसम आधारित फलदार पोधे लगाने के लिए कहा, ताकि उन प्रजातियों से प्रेरित होकर क्षेत्र के बागवान अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ बना सकें।
बागवानी मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में एच.पी. शिवा परियोजना के माध्यम से बागवानी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिवा प्रोजेक्ट में बदलाव करते हुए, तीन मालिकों की तीन हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा की उपलब्धता होने पर इस योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एचपी-शिवा परियोजना के तहत पौधारोपण, उच्च-घनत्व बागवानी तकनीकों, सुनिश्चित सिंचाई सुविधाओं, सौर बाड़बंदी, पैक-हाउस एवं फल प्रोसेसिंग यूनिट समेत उत्पाद को बाजार तक पहुंच का प्रावधान किया गया है। इन सभी का उद्देश्य उत्पादन, गुणवत्ता और बाजार मूल्य को एक साथ जोड़ना है, जिससे किसानों को पूर्ण आर्थिक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से हिमाचल प्रदेश के बागवानी व्यवसाय और कृषि-उत्पादन को नई दिशा मिलेगी और देश भर के बाजार में प्रदेश के उत्पादों की पहचान बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के बागवानों को सिंचाई और फल उत्पादन के मूल्य-संयोजन के माध्यम से कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन करने और ग्रामीण समुदायों की आजीविका में दीर्घकालिक सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में 10 क्लस्टर के माध्यम से 52.82 हेक्टेयर भूमि पर 62 हजार 259 फलदार पौधे लगाए गए हैं । उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही जिला में 24 क्लस्टर के माध्यम से 132 हेक्टेयर भूमि पर 1 लाख 32 हजार फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे।
बागवानी मंत्री ने विधायक नाहन अजय सोलंकी के साथ एचपी शिवा क्लस्टर इकाई डूंगीसेर और जुडग का निरक्षण किया। साथ ही अन्य क्लस्टर मालिकों की समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए, ताकि बागवानों की समस्यों का जल्द समाधान हो सके।
इस अवसर पर सहायक शिवा परियोजना अधिकारी डॉ. रमल अंगरिया, उपनिदेशक बागवानी डॉ. संतोष बक्शी, तहसीलदार ददाहू जय सिंह, बीडीओ नेहा नेगी, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति देवानंद पुंडीर, सहायक अभियंता लो.नि.वि. ददाहू दलीप चौहान, एचडीओ बाग़वानी बलबीर नेगी और पूर्व आईएएस सुरेश भंडारी, पूर्व प्रिंसिपल बकुल मेहता, मुकुल ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



