होमHimachalShimlaदो माह से दूध की पेमेंट अटकी… मजबूर पशुपालकों की चेतावनी, अब...

दो माह से दूध की पेमेंट अटकी… मजबूर पशुपालकों की चेतावनी, अब सचिवालय के बाहर होगा धरना!

सचिव कुलदीप ठाकुर ने जानकारी दी कि पीरन दुग्ध सहकारी सभा के माध्यम से करीब 60 पशुपालक प्रतिदिन 300 लीटर से अधिक दूध सीमा से लगते सिरमौर जिला के चिलिंग प्लांट मरयोग को भेजते हैं।

शिमला : हिमाचल प्रदेश मिल्कफैड द्वारा बीते दो माह से दुग्ध उत्पादकों की पेमेंट की अदायगी न किए जाने से किसान भारी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। समय पर भुगतान न मिलने से पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो उन्हें शिमला सचिवालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।

जै दुर्गे दुग्ध सहकारी सभा पीरन नारिगा के प्रधान प्रेमदास शर्मा और सचिव कुलदीप ठाकुर ने बताया कि पिछले दो महीनों से दूध की पेमेंट न मिलने के कारण दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई पशुपालकों के लिए दुग्ध उत्पादन ही आय का एकमात्र साधन है। ऐसे में समय पर भुगतान न मिलने से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि दिसंबर 2025 के बाद से अभी तक हिमाचल प्रदेश मिल्कफैड द्वारा दुग्ध उत्पादकों की पेमेंट अदा नहीं की गई है।

ये भी पढ़ें:  SIR पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों पर बात करे कांग्रेस; राकेश जमवाल ने पूछा- कितने पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए

सचिव कुलदीप ठाकुर ने जानकारी दी कि पीरन दुग्ध सहकारी सभा के माध्यम से करीब 60 पशुपालक प्रतिदिन 300 लीटर से अधिक दूध सीमा से लगते सिरमौर जिला के चिलिंग प्लांट मरयोग को भेजते हैं। चिलिंग प्लांट की गाड़ी प्रतिदिन घर-घर जाकर दूध एकत्रित करती है, जिससे विशेष रूप से गरीब परिवारों को काफी लाभ मिलता है। कई दुग्ध उत्पादक बेहद गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं और उनके लिए दूध उत्पादन ही आय का एकमात्र सहारा है।

दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि यदि मिल्कफैड द्वारा जल्द दूध की अदायगी नहीं की गई तो उन्हें मजबूर होकर शिमला सचिवालय के सामने धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा। सचिव कुलदीप ठाकुर ने बताया कि चिलिंग प्लांट मरयोग के अधीन छह दुग्ध सहकारी सभाएं- पीरन नारिगा, शरगांव, नेईनेटी, चाखल, चबीयुल और मरयोग कार्यरत हैं, लेकिन किसी भी सहकारी सभा में अभी तक दूध की पेमेंट की अदायगी नहीं की गई है। सभी सभाओं के दुग्ध उत्पादक समय पर भुगतान न मिलने से परेशान हैं।

ये भी पढ़ें:  विदेश में रोजगार के लिए वेबसाइट और मोबाइल ऐप विकसित करेगी हिमाचल सरकार, सीएम ने दिए ये निर्देश

पीरन के दुग्ध उत्पादक चंचल वर्मा, कमल वर्मा और प्रकाश वर्मा सहित कई किसानों ने बताया कि चिलिंग प्लांट के माध्यम से दूध का रेट कभी भी 45 से 48 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं मिला है। महीने में एक बार दूध की जांच लेक्टोमीटर से की जाती है और उसी आधार पर पूरे महीने की अदायगी की जाती है, जबकि सरकार द्वारा गाय के दूध का न्यूनतम रेट 51 रुपये तय किया गया है।

दुग्ध चिलिंग प्लांट मरयोग के प्रभारी दुन्नी चंद ने बताया कि पशुपालकों की अदायगी का मामला हिमाचल प्रदेश मिल्कफैड शिमला को भेजा गया है और उम्मीद है कि दुग्ध उत्पादकों का भुगतान शीघ्र कर दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें:  सरकार ने 2 वर्ष के कार्यकाल में वित्तीय अनुशासन की दिशा मेें उठाए कारगर कदम : सीएम
Hitesh Sharma
Hitesh Sharmahttps://aapkibaatnews.com
हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

Latest Articles

Explore More