धौलाकुआं : क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं में विद्यार्थियों के लिए एक प्री-वोकेशनल एजुकेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला सिरमौर के दो सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बागवानी और कृषि से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना रहा, ताकि वे वैज्ञानिक खेती की बुनियादी समझ विकसित कर सकें।

कार्यक्रम में सरकारी माध्यमिक विद्यालय माशू के कक्षा 6 से 8 तक के 26 विद्यार्थी चार अध्यापकों के साथ शामिल हुए, जबकि पभार स्कूल के कक्षा 6 से 8 तक के 24 विद्यार्थी अपने शिक्षक के साथ प्रशिक्षण में पहुंचे। विद्यार्थियों को अनुसंधान केंद्र की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई और उन्हें प्रत्यक्ष रूप से खेतों और पौधशालाओं का अवलोकन कराया गया।
सह-निदेशक (अनुसंधान एवं विस्तार) डॉ. प्रियंका ठाकुर ने विद्यार्थियों को गेंदा, डेहलिया, जंगली शोभाकार पौधों और सर्दियों में उगने वाली पुष्पीय फसलों के बारे में सरल और विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पौधों के महत्व, उनकी पहचान, वृद्धि की प्रक्रिया और बागवानी के मूल सिद्धांतों को समझाया। इसके साथ ही अनुसंधान केंद्र में अपनाई जा रही आधुनिक वैज्ञानिक खेती की तकनीकों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
डॉ. शिल्पा ने आम, लीची और ड्रैगन फ्रूट जैसी उपोष्ण कटिबंधीय फसलों की खेती और उनके बगीचों की देखभाल के तरीकों पर जानकारी दी। वहीं डॉ. सिमरन कश्यप ने फूलों और सजावटी पौधों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए क्यारियों में सर्दियों के पौधों का रोपण और गमलों में पौधे लगाने की विधियों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया।
इस मौके पर शिक्षकों ने बताया कि कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रहा। इससे उन्हें न केवल सैद्धांतिक जानकारी मिली, बल्कि पौधारोपण और देखभाल का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें बागवानी और कृषि के क्षेत्र में उपलब्ध करिअर अवसरों के बारे में भी जानकारी मिली। कार्यक्रम का समापन प्रश्न-उत्तर और चर्चा सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया।



