नाहन : सिरमौर जिला को एचआईवी और क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करना होगा, ताकि जिला सिरमौर को एचआईवी व टीबी (TB) मुक्त बनाया जा सके। यह जानकारी डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बुधवार को एचआईवी और जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सिरमौर जिला में 100 दिन का विशेष स्क्रीनिंग अभियान 2.0 चलाया जाएगा, ताकि टीबी के मामलों की पहचान के उपरांत उनका उपचार आरंभ कर संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

प्रियंका वर्मा ने कहा कि आमजन को टीबी के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि टीबी का प्रारंभिक चरण में ही उपचार हो सके। लोगों को स्वेच्छा से एचआईवी टेस्ट करवाने के लिए भी जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि एचआईवी, टीबी मरीजों व आश्रितों को सरकार द्वारा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही जांच व उपचार सुविधाओं के अतिरिक्त आर्थिक सहायता व अन्य सुविधाओं की जानकारी भी दी जाए।
इस दौरान डीसी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की जिला कार्यबल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि आगामी 22 फरवरी को जिला सिरमौर के 1468 राजकीय स्कूलों, 175 निजी स्कूलों और 1484 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1-19 वर्ष आयु वर्ग के 178587 बच्चों को कृमि मुक्त दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि इस आयु वर्ग में जिला का कोई भी बच्चा कृमि मुक्त दवा पिलाने से शेष नहीं रहना चाहिए।
इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. निसार अहमद ने बैठक का संचालन किया। जिला में 13 स्थानों पर बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध है। विभाग द्वारा घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, कल्याण विभाग सहित विभिन्न एनजीओ के अधिकारी उपस्थित रहे।


