Home Himachal Sirmaur एनएच-707 चौड़ीकरण में लापरवाही के आरोप, आरजीबी कंपनी और मोर्थ के खिलाफ...

एनएच-707 चौड़ीकरण में लापरवाही के आरोप, आरजीबी कंपनी और मोर्थ के खिलाफ ग्रामीणों ने कफोटा में खोला मोर्चा

कथित अनियमितताओं को लेकर कमरऊ क्षेत्र के ग्रामीणों ने कफोटा में रोष जताया और समाजसेवी नाथूराम चौहान के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि आरजीबी कंपनी, मोर्थ और स्थानीय प्रशासन ने तय मानकों के अनुसार सड़क निर्माण नहीं किया

0

शिलाई : राष्ट्रीय राजमार्ग-707 के चौड़ीकरण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर कमरऊ क्षेत्र के ग्रामीणों ने कफोटा में रोष जताया और समाजसेवी नाथूराम चौहान के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि आरजीबी कंपनी, मोर्थ और स्थानीय प्रशासन ने तय मानकों के अनुसार सड़क निर्माण नहीं किया और निर्धारित समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं की।

ग्रामीणों के अनुसार कमरऊ गांव के बीच सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है और इस बारे में न तो प्रशासन और न ही मोर्थ ने स्पष्ट जानकारी दी। ग्रामीणों ने कहा कि 28 फरवरी तक जवाब देने का समय दिया गया था, लेकिन तय अवधि बीतने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

ये भी पढ़ें:  एकादशी पर भूर्षिंग महादेव मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश, 51 फीट ऊंची शिव प्रतिमा बनी आकर्षण

नाथूराम चौहान ने कहा कि जगह जगह तंग सड़क बनाए जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और कमरऊ में इसी स्थान पर एक 11 वर्षीय बच्चे की मृत्यु भी हो चुकी है। ग्रामीणों के विरोध के बाद सड़क को निर्धारित चौड़ाई में बनाने, फुटओवर ब्रिज स्थापित करने और स्पीड ब्रेकर लगाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो माह बीतने के बावजूद न तो सड़क चौड़ी करने का कार्य शुरू हुआ और न ही फुटओवर ब्रिज का निर्माण हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि तंग सड़क पर खतरनाक स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं, जिससे हादसों की आशंका और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांगें मानने के बावजूद कंपनी और प्रशासन ने कार्य शुरू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही जनता को निर्माण योजना की जानकारी दी।

ये भी पढ़ें:  सिरमौर के नामी शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर पर युवती से छेड़छाड़-किडनैपिंग का आरोप, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम कफोटा को शिकायत पत्र सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और मोर्थ की होगी।