कालाअंब : हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कालाअंब के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए पोस्टर प्रेजेंटेशन में तृतीय स्थान हासिल किया है। बी. फार्मेसी चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं ने ‘प्रकृति से प्राप्त स्मार्ट समाधान: हर्बल दवाओं की खोज में एआई की भूमिका’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेकर यह उपलब्धि अपने नाम की।
यह प्रतिष्ठित सम्मेलन आरआईएमटी विश्वविद्यालय, मंडी गोबिंदगढ़ (पंजाब) के कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा शहीद करतार सिंह सराभा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल, सराभा के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में आधुनिक तकनीक और आयुर्वेदिक ज्ञान के समन्वय पर विशेष जोर देखने को मिला। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की छात्रा मुस्कान चौहान और छात्र सुरिंद्र (बी. फार्मेसी, चतुर्थ वर्ष) ने अपने शोध कार्य को पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनके पोस्टर का शीर्षक “डीपीपी-4 को लक्षित करने वाले मधुमेह-रोधी फाइटोकेमिकल्स का तुलनात्मक इन-सिलिको विश्लेषण: साहित्य-आधारित अध्ययन” था।
इस शोध में उन्होंने बर्बेरिन, करक्यूमिन और क्वेरसेटिन जैसे तीन प्रमुख फाइटोकेमिकल्स के एंटी-डायबिटिक प्रभावों का इन-सिलिको विश्लेषण प्रस्तुत किया। अध्ययन में इन यौगिकों के डीपीपी-4 एंजाइम पर प्रभाव का तुलनात्मक मूल्यांकन किया गया, जिसे मधुमेह उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य माना जाता है। उनकी प्रस्तुति वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सशक्त होने के साथ-साथ बेहद प्रभावशाली भी रही। छात्रों की इस उपलब्धि पर आरआईएमटी यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी की प्राचार्य डॉ. जसप्रीत कौर ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार और शोध कार्य फार्मास्यूटिकल साइंसेज के क्षेत्र में भविष्य की नई दिशा तय करेंगे।



