HIMACHAL BUDGET : बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने चौथे बजट भाषण के दूसरे चरण में कई बड़ी घोषणाएं करते हुए कानून-व्यवस्था, रोजगार, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस साफ किया। टी ब्रेक के बाद दोबारा शुरू हुए भाषण में सरकार ने नशे के खिलाफ कड़ा रुख दिखाते हुए 1,000 अतिरिक्त पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती का ऐलान किया। साथ ही 50 महिला सब इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती होगी और एसपीओ को अन्य क्षेत्रों में भी तैनात किया जाएगा। कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति देने की बात भी कही गई, जबकि अन्य एक हजार पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे।
राजस्व और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने सड़कों, पुलों और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। अगले वित्तीय वर्ष से राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी और पटवारियों के 645 पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 80 लाख से 1 करोड़ तक की संपत्ति महिला के नाम खरीदने पर स्टांप ड्यूटी 4 फीसदी तय करने की घोषणा की।
बजट भाषण के दौरान सदन में हल्का-फुल्का माहौल भी देखने को मिला जब स्पीकर ने पर्यटन योजनाओं में भटियात का नाम लेने की चुटकी ली, जिस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि “आपसे तो दिल जुड़ा है”, और सदन में ठहाके गूंज उठे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि उनके अधूरे प्रोजेक्ट भी सरकार पूरा करेगी। इस पर नेता प्रतिपक्ष और विपक्षी विधायकों ने तंज कसा, जिस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि “जाने वाला कौन है, यह जनता तय करती है।”
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। 40 गांवों को स्नो टूरिज्म स्पॉट बनाया जाएगा और होम स्टे मालिकों को पर्यावरण अनुकूल प्रमाण पत्र दिया जाएगा। महिलाओं के लिए “शी ट्रैवल पोर्टल” शुरू होगा और सोलन व मंडी में कारवां पार्क विकसित किए जाएंगे। वीकेंड टूरिज्म गतिविधियों को भी बढ़ाया जाएगा, जबकि धार्मिक पर्यटन के तहत श्री ज्वालाजी और श्री नैना देवी जी का विकास किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में 9,660 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित करते हुए सरकार ने सभी यूजी कोर्स को सेमेस्टर सिस्टम में लाने की घोषणा की। 75 से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों के छात्रों को जिला मुख्यालय में दाखिला लेने पर हर महीने 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। ग्रामीण और युवाओं के लिए भी कई घोषणाएं की गईं। पंचायत सचिवों के 150 पद भरे जाएंगे और पंचायत चौकीदारों की भर्ती भी चरणबद्ध तरीके से होगी। ई-टैक्सी योजना के तहत 500 युवाओं को 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा और इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
गरीब परिवारों के लिए “मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना” शुरू करते हुए एक लाख जरूरतमंद परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, पक्का मकान और महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता देने का ऐलान किया गया। साइबर सुरक्षा के लिए “साइबर मित्र योजना” शुरू होगी और 10 हजार युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं पर्यटन क्षेत्र में पीपीपी आधार पर पंजीकरण सिस्टम लागू करने, माउंटेन बाइकिंग रूट विकसित करने और कांगड़ा एयरपोर्ट के पास एरोसिटी बसाने जैसी योजनाएं भी सामने आईं।
इसके साथ ही दिल्ली-शिमला-धर्मशाला फ्लाइट और सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ने की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में तीन नई रोपवे परियोजनाएं शुरू करने की घोषणा की। इसमें बाबा बालक नाथ रोपवे, चिंतपूर्णी माता रोपवे व कुल्लू-ढालपुर(पीज) रोपवे शामिल हैं। शिमला व हमीरपुर में वाणिज्य परिसरों का निर्माण किया जाएगा। 2000 करोड़ रुपये की योजना तैयार कर केंद्रीय मंत्रालय को भेजेंगे।



