पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 15,400 टन एलपीजी लेकर भारतीय झंडे वाला पोत ‘ग्रीन आशा’ होर्मुज स्ट्रेट पार कर गुरुवार को नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथारिटी (जेएनपीए) पहुंच गया। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद यह यहां पहुंचने वाला पहला एलपीजी जहाज है। एक अन्य पोत ‘ग्रीन सान्वी’ भी जल्द आने वाला है।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार यह जहाज बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित जेएनपीए के लिक्विड बर्थ पर लंगर डाले हुए है। इस आगमन को समुद्री आपूर्ति तंत्र की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है, जो जटिल भू-राजनीतिक हालात के बावजूद देश में एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने स्पष्ट किया कि मौजूदा तनाव के बावजूद देश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाज लगातार होर्मुज स्ट्रेट के जरिए बिना किसी रुकावट के आ-जा रहे हैं और सरकार स्थिति पर रोजाना नजर बनाए हुए है।
इस बीच पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कुमार जैन ने बताया कि मार्च में रोजाना 10,000 से अधिक घरों को पीएनजी से जोड़ा गया और महीने भर में करीब 3 लाख नए कनेक्शन दिए गए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अब एलपीजी के मुकाबले पीएनजी को बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी सख्ती बढ़ा दी है। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार अब तक देशभर में 1.16 लाख से अधिक छापे मारे जा चुके हैं, 600 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 1,870 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। 53 डीलरशिप को निलंबित भी किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद देश में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
