ऊना में आईएसओ पीडीएस सर्टिफाइड मॉडल पर खुलेंगी उचित मूल्य की दुकानें

उचित मूल्य की दुकानों का निरीक्षण करने पर दुकानों का संचालन व खाद्यान्न भंडारण सही पाया गया। उन्होंने बताया कि स्कूलों में मिड-डे मील वर्करों को हर तीन महीने में मेडिकल चेकअप करवाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूलों में नियमित निरीक्षण की संख्या बढ़ाने को कहा गया।

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ऊना : जिला ऊना में आईएसओ पीडीएस सर्टिफाइड मॉडल पर दुकानें खोली जाएंगी, ताकि खाद्य सामग्री के उचित रखरखाव के साथ-साथ गर्मियों में राशनकार्ड धारकों को भी राशन लेने में कोई परेशानी न हो। यह बात शुक्रवार को राज्य खाद्य सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश कत्याल ने कही। उन्होंने बताया कि उनके जिला ऊना के चार दिवसीय प्रवास का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और पोषण से संबंधित केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के जिला में प्रभावी कार्यान्वयन की मॉनिटरिंग करना है।

इसी कड़ी में गत रोज राशन वितरण, खाद्यान्नों की गुणवत्ता, शिकायत निवारण प्रणाली जांच और त्वरित निवारण की कार्रवाई, स्कूलों में बच्चों दिए जा रहे मिड-डे मील की उपलब्धता, डाइट चार्ट, आहार गुणवत्ता, शौचालयों की स्थिति, आंगनबाड़ियों में शिशु देखभाल व पोषण, गर्भवती व धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं के नियमित स्वास्थ्य जांच व पोषण, स्कूलों में मिड-डे मील उपलब्धता, न्यूट्रिशियन गार्डन की उपलब्धता व उपयोगिता सभी सुविधाओं बारे संबंधित विभागों से विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक फीडबैक भी ली गई।

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डॉ. कत्याल ने जानकारी दी कि आज इन योजनाओं की धरातल पर मॉनिटरिंग करने के लिए विभिन्न सेवा प्रदाता संस्थानों का विजिट किया गया। उन्होंने बताया कि एनएफएसए के तहत आटा मिल, मिड-डे मील, आंगनबाड़ी केंद्रों व उचित मूल्य की दुकानों पर जाकर मौके पर स्थितियों की परख की गई। उन्होंने बताया कि आटे की आपूर्ति करने वाली आटा मिल में मैदा और सूजी का मिश्रण किया जा रहा है। इसके लिए विभाग को आवश्यक जांच व कार्रवाई करने के निर्देश मौके पर ही दे दिए गए। उन्होंने बताया कि बंगाणा, ऊना और हरोली ब्लॉक के स्कूलों में जाकर एक संस्थान को छोड़कर मिड-डे मील का जायजा लेने पर स्थिति संतोषजनक पाई गई।

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एक स्कूल में मिड-डे स्कूल में पर्याप्त राशन न पाए जाने पर इंजार्च को मौके पर ही बदलने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसी स्थिति न उत्पन्न हों, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता और खाद्य सामग्री का रखरखाव संतोषजनक पाया गया। उचित मूल्य की दुकानों का निरीक्षण करने पर दुकानों का संचालन व खाद्यान्न भंडारण सही पाया गया। उन्होंने बताया कि स्कूलों में मिड-डे मील वर्करों को हर तीन महीने में मेडिकल चेकअप करवाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूलों में नियमित निरीक्षण की संख्या बढ़ाने को कहा गया।

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