शिमला : HRTC की बसों में रियायती और निःशुल्क यात्रा सुविधा का लाभ लेने के लिए अब तक 1.24 लाख लोग हिम बस कार्ड बनवा चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार कार्ड धारकों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है और अब तक 82 हजार महिलाएं अपना कार्ड बनवा चुकी हैं। पहले हिम बस कार्ड के लिए केवल एचआरटीसी को ही आवेदन करना पड़ता था, जिससे निगम कार्यालयों में भारी भीड़ और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाते हुए लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से भी कार्ड बनाने की सुविधा शुरू की गई।

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने बड़ी संख्या में आवेदन किए और ये संख्या बढ़कर 1.24 लाख तक पहुंच गई। एचआरटीसी द्वारा कार्ड बनाने के लिए पहले 237 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया था, जबकि लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से आवेदन करने पर 25 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। हालांकि, कार्ड की प्रिंटिंग का कार्य अभी भी एचआरटीसी द्वारा ही किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि निगम की बसों में महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट और पात्र श्रेणियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा का लाभ लेने के लिए हिम बस कार्ड अनिवार्य होगा। कार्ड नहीं होने की स्थिति में यात्रियों को निर्धारित किराया ही चुकाना पड़ेगा। कार्ड बनाने की अंतिम तिथि पहले 31 जनवरी तय की गई थी, लेकिन योजना के पूर्ण रूप से लागू न होने के कारण फरवरी माह में भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। निगम प्रबंधन के अनुसार पात्र लोग आगामी दिनों में भी अपना हिम बस कार्ड बनवा सकते हैं और योजना लागू होने के बाद केवल कार्डधारकों को ही रियायती और मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा।



