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शिलाई में 307 चीड़ के पेड़ कटे, आखिर किसकी शह पर? ABVP ने सरकार और नेताओं की चुप्पी पर उठाए बड़े सवाल

मनीष बिरसांटा ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन की सरकार आई है, तब से व्यवस्थाओं का पतन हो रहा है। प्रदेश में टिम्बर माफिया, खनन माफिया, फिरौती माफिया, गोलीकांड और चिट्टा माफिया जैसे अपराध बेलगाम होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने में भी सरकार पूरी तरह विफल रही है।

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नाहन : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जिला सिरमौर ने बुधवार को नाहन में प्रेस वार्ता कर शिलाई क्षेत्र में 307 चीड़ के पेड़ों के अवैध कटान के मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनीष बिरसांटा ने कहा कि इस गंभीर प्रकरण को लेकर परिषद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

मनीष बिरसांटा ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन की सरकार आई है, तब से व्यवस्थाओं का पतन हो रहा है। प्रदेश में टिम्बर माफिया, खनन माफिया, फिरौती माफिया, गोलीकांड और चिट्टा माफिया जैसे अपराध बेलगाम होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने में भी सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर में भाजपा और कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद हैं, लेकिन शिलाई के इस अवैध पेड़ कटान मामले में उनकी चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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बिरसांटा ने आरोप लगाया कि यह स्थिति इस बात की ओर संकेत करती है कि कहीं न कहीं नेताओं और उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से ही इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि खनन माफिया इतना सक्रिय हो चुका है कि पहाड़ों के पहाड़ काटे जा रहे हैं और प्रदेश हाल ही में आई बड़ी त्रासदी से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि इस तरह की घटनाएं दोबारा सामने आने लगी हैं।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले भी हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय नुकसान से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान चेतावनी दी थी कि यदि इस तरह की लापरवाह कटाई और अव्यवस्थित गतिविधियां जारी रहीं तो भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील इस राज्य को गंभीर खतरा हो सकता है। इसके बावजूद सरकारों की ओर से कोई प्रभावी और स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई।

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मनीष ने कहा कि विद्यार्थी परिषद इस घटना की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बीते दिन बीओ और फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन परिषद की मांग है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और इसमें शामिल उच्च अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि एबीवीपी आने वाले समय में जागरूकता अभियान चलाएगी और पूरे प्रदेश में युवाओं व आम जनता को लामबंद करते हुए इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन भी करेगी।

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