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पालकवाह में खुला SDRF प्रशिक्षण केंद्र, उपमुख्यमंत्री बोले-हरोली के विकास में जुड़ा नया अध्याय

उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के माध्यम से भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित बचाव, राहत एवं प्राथमिक चिकित्सा के लिए जवानों और नागरिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

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ऊना : पालकवाह में हिमाचल प्रदेश सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियेंस कार्यालय का संचालन हरोली विधानसभा क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। यह बात उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कौशल विकास केंद्र पालकवाह में सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजिलियेंस कार्यालय के लोकार्पण के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के माध्यम से भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित बचाव, राहत एवं प्राथमिक चिकित्सा के लिए जवानों और नागरिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें आधुनिक बचाव तकनीक, चिकित्सा प्रशिक्षण (सीपीआर) और मॉक ड्रिल शामिल हैं। इससे ज़िला ऊना व इसके आस-पास के जिलों को भी लाभ होगा।

इसके उपरांत कौशल विकास केंद्र पालकवाह के ऑडिटोरियम में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल द्वारा मंगलवार को एक दिवसीय आपदा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने करते हुए कहा कि कभी बरसात में ऊना के लिए स्वां नदी प्राकृतिक आपदा का मुख्य कारण रही है। जिला ऊना में 1500 करोड़ की धनराशि व्यय करके स्वां नदी व इसकी सहायक खड्डों का तटीयकरण किया गया, जिसमें 922 करोड़ रुपये की लागत से हरोली विस क्षेत्र के घालूवाल से बाथड़ी तक स्वां नदी का चैनलाइजेशन शामिल है। इससे न सिर्फ नदी के प्रकोप पर रोक लगी, बल्कि हजारों एकड़ भूमि भी रिक्लेम करके आज उसी स्थान पर फसलें लहलहा रही हैं।

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उन्होंने कहा कि कमांडेट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सतवंत अटवाल से प्रेरित होकर आज बच्चियों में पुलिस में सेवा करने का जज्बा पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भी बेटियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ मजबूती से डटी हुई है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान कहा कि आप इस कार्यक्रम में बच्चों को न केवल प्रशिक्षित करें, बल्कि उनमें साहस, आत्मविश्वास और चुनौतियों का सामना करने का भी जज्बा भरकर जाएं, ताकि भविष्य में दुनिया की हर कठिन परिस्थितियों का डटकर सामना कर सकें।

उपमुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ की टीम को राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने पर बधाई दी। यूपी राज्य के गाजियाबाद में 9 से 11 मार्च तक आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 30 टीमों ने भाग लिया था, जिसमें एसडीआरएफ ने प्रतियोगिता को 41 मिनट में पूरा करके अपनी दक्षता, तैयार, संचालनात्मक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करके देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया था।

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इस दौरान कमांडेट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सतवंत अटवाल ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल एक सशक्त राज्य स्तरीय बल है, जो बाढ़, भूकंप, आग जैसी आपदाओं में 24 घंटे तत्पर रहता है। यह बल सबसे पहले मौके पर पहुंचकर लोगों की जान-माल की रक्षा करता है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाता है। साथ ही स्थानीय प्रशासन के माध्यम से आपदा प्रभावितों तक भोजन, पानी और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ अपने कर्मियों को विशेष शारीरिक प्रशिक्षण, आधुनिक बचाव तकनीक और मानसिक दृढ़ता के साथ प्रशिक्षित किया जाता है ताकि कठिन से कठिन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। कार्यक्रम में राज्य में आपदा के दौरान साहसिक व उत्कृष्ट सेवा प्रदर्शन करने वाले एसडीआरएफ, होमगार्ड, सिविल डिफेंस वालंटियर्स व युवा आपदा मित्रों को भी सम्मानित किया गया।

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इस अवसर पर फायर, होमगार्ड व एसडीआरएफ के जवानों ने भूकंप, सीपीआर और फायर सेफ्टी से संबंधित डेमो देकर उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। यह केंद्र हमारे जवानों को आपदा जैसी विकट परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा और प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सशक्त बनाएगा। इस अवसर पर डिप्टी कमांडेंट जनरल होमगार्ड अरविंद पाराशर, कमांडेंट होमगार्ड हितेश लखनपाल, अशोक ठाकुर, संदीप अग्निहोत्री, विक्रमजीत सिंह, सेवानिवृत कै. शक्ति चन्द सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थी, युवा आपदा मित्र और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।