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नलवाड़ी मेले में आस्था का महासंगम, लुहणु घाट पर गूंजी सतलुज महाआरती, मंत्री राजेश धर्माणी ने की पूजा-अर्चना

जिला बिलासपुर के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक 137 वर्ष पुराने राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 का आज नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने खूंटी गाड़ कर विधिवत शुभारंभ किया।

बिलासपुर : राज्यस्तरीय नलवाड़ी मेला के पावन अवसर पर लुहणु घाट में आयोजित सतलुज महाआरती में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने शिरकत कर विधिवत पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर उन्होंने जिला एवं प्रदेश वासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सतलुज तट पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से ओत-प्रोत हो गया।

इस दौरान राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के अध्यक्ष एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने मंत्री राजेश धर्माणी को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक परंपरा को सुदृढ़ करने के साथ साथ प्रकृति को सहेजने के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने की एक अनूठी पहल के साथ यह आयोजन किया गया।

खूंटी गाड़ कर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया नलवाड़ी मेले का पारंपरिक शुभारंभ
जिला बिलासपुर के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक 137 वर्ष पुराने राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 का आज नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने खूंटी गाड़ कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने लक्ष्मी नारायण मंदिर से आरम्भ हुई भव्य शोभायात्रा की अगुवाई की तथा लुहणू मैदान में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनियों का भी उद्घाटन किया।

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लुहणू मैदान में आयोजित शुभारंभ समारोह में उपस्थित जनसमूह को कहलूरी बोली में संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि नलवाड़ी मेला बिलासपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारम्परिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जिसकी पहचान प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में विशिष्ट रही है। उन्होंने कहा कि इस मेले का इतिहास लगभग 137 वर्ष पुराना है तथा वर्ष 1889 में इसकी शुरुआत सांडू मैदान से हुई मानी जाती है, जो समय के साथ अब लुहणू मैदान में स्थानांतरित हो गया है। यह मेला वर्षों से स्थानीय संस्कृति, लोक परम्पराओं, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मेले के स्वरूप में परिवर्तन आया है। पूर्व में जहां ग्रामीण अपने उत्पादों की बिक्री और पशुधन की खरीद-फरोख्त के लिए इसमें भाग लेते थे, वहीं वर्तमान में यह मेला सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि परम्परागत हुनर को प्रोत्साहित एवं जीवंत बनाए रखने के लिए घुमारवीं में कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जहां पारम्परिक शिल्पकारों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़कर युवाओं को पुरातन कलाओं से जोड़ा जाएगा।

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राजेश धर्माणी ने कहा कि गोविंद सागर झील में जलक्रीड़ा गतिविधियों को मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया है तथा अक्तूबर 2025 में “जल तरंग जोश महोत्सव” का सफल आयोजन कर इस दिशा में सकारात्मक पहल की है। धर्माणी ने भाखड़ा बांध निर्माण के दौरान बिलासपुर और ऊना के लोगों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश का भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड में लगभग 4500 करोड़ रूपए लंबित है। इसके अतिरिक्त शानन जल विद्युत परियोजना की लीज अवधि पूर्ण हो चुकी है, लेकिन अभी तक प्रदेश हित में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा कि जिले की प्रतिभाशाली युवतियों को अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के लिए “मिस बिलासपुर 2026” प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। 18 मार्च से प्रारम्भ होने वाले कहलूर उत्सव में स्थानीय कलाकार नाटी, लोक नृत्य, वाद्य यंत्रों और लोक गीतों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे, जिससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी।

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इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए मेले की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नलवाड़ी मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। कहलूर उत्सव हमारी परम्पराओं को संरक्षित करने और उन्हें भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखता है।

इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष तृप्ता ठाकुर, निदेशक हिमूडा जितेन्द्र चंदेल, निदेशक राज्य सहकारी बैंक सुनील शर्मा, पूर्व जिला पार्षद गौरव शर्मा, प्रोमिला वसु, राजेन्द्र पाल, बसंत राम, श्याम शर्मा, आशीष ठाकुर, ज्योति, अनिल मिंटू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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