शिमला : प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर ऐसे अधिकारियों को अहम सरकारी पदों से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल आश्वासन देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जिन अधिकारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध पाई गई है, उन्हें संवेदनशील पदों पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में ओडीआई (ODI) श्रेणी में आने वाले अधिकारियों को चिह्नित कर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार संबंधित विभागों को ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में नियुक्तियों और पदस्थापन के दौरान अधिकारियों की सत्यनिष्ठा को प्रमुख मानदंड बनाया जाएगा।
वहीं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार का यह कदम प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संकेत है और इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। सरकार की इस कार्रवाई से अफसरशाही और कर्मचारियों के कामकाज में बड़े सुधार की संभावना भी जताई जा रही है।
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