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₹4000 करोड़ की कटौती, गारंटियों पर धोखा, हिमाचल को पीछे ले जाने वाला ‘बैक गियर बजट’ : डॉ. राजीव बिंदल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “हिमाचल प्रदेश को पीछे ले जाने वाला बैक गियर बजट” करार दिया।

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शिमला : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “हिमाचल प्रदेश को पीछे ले जाने वाला बैक गियर बजट” करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में ऐसा बजट कभी प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में हजारों करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई हो। डॉ. बिंदल ने कहा कि लगभग ₹4000 करोड़ की कटौती का सीधा असर प्रदेश की विकासात्मक योजनाओं पर पड़ेगा और हर क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे मत्स्य पालन, कृषि, बागवानी, पशुपालन आदि के बजट को केवल केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रावधानों से जोड़कर “किताब मोटी करने” का काम किया है, जबकि वास्तविक राज्य स्तरीय पहल नगण्य है।

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उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से कांग्रेस सरकार केंद्र की मोदी सरकार को कोसने में लगी रही है और चौथे बजट की शुरुआत भी उसी मानसिकता के साथ की गई, जबकि सच्चाई यह है कि हिमाचल प्रदेश में चल रही अधिकांश योजनाएं केंद्र प्रायोजित हैं और प्रदेश का विकास केंद्र सरकार के सहयोग से ही आगे बढ़ रहा है। डॉ. बिंदल ने कांग्रेस की 2022 की गारंटियों को “सबसे बड़ा झूठ” बताते हुए कहा कि सरकार इन वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक एक भी नौकरी नहीं दी गई। 28 लाख महिलाओं को ₹1500 प्रति माह देने की गारंटी भी 40 महीने बीत जाने के बाद पूरी नहीं हुई। इसी तरह ₹100 लीटर दूध खरीद की गारंटी को घटाकर ₹60 लीटर तक सीमित करने की बात कर सरकार जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि 5 लाख रोजगार सृजन का वादा भी केवल कागजों तक सीमित रह गया है। प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ यह बजट एक बार फिर “भद्दा मजाक” साबित हुआ है।

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डॉ. बिंदल ने आगे कहा कि बजट में कानून व्यवस्था को सुधारने, बढ़ते माफिया राज पर नियंत्रण, अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता और बंद किए गए संस्थानों को पुनः खोलने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। उल्टा, सरकार द्वारा और संस्थान बंद करने के संकेत दिए गए हैं, जो प्रदेश की जनता के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल खोखले आंकड़ों का पुलिंदा है, जिसमें न तो विकास की स्पष्ट दिशा है और न ही जनता को राहत देने की कोई ठोस योजना। भाजपा इस जनविरोधी बजट का विरोध करती है और प्रदेश की जनता के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाती रहेगी।

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