कालाअंब : जिला सिरमौर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब की कालाअंब पंचायत में उप प्रधान पद का चुनाव इस बार दिलचस्प होता नजर आ रहा है। सोमवार को सोमनाथ भाटिया समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। इस दौरान चुनावी माहौल पूरी तरह सक्रिय नजर आया।
बता दें कि इस पद के लिए 4 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। ऐसे में मुकाबला बेहद रोचक होने जा रहा है। कालाअंब पंचायत में 1900 के करीब मतदाता हैं। इस क्षेत्र में लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों और जन जागरूकता अभियानों से जुड़े होने के कारण सोमनाथ भाटिया की अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। स्थानीय लोगों के बीच सक्रिय रहने के साथ-साथ शासन और प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी पकड़ मानी जाती है, जिसका असर पंचायत चुनाव में भी देखने को मिल रहा है।
नामांकन के दौरान सोमनाथ भाटिया ने कहा कि कालाअंब पंचायत को स्वच्छ और व्यवस्थित पंचायत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद पंचायत में सफाई, प्रदूषण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। समय-समय पर खेल प्रतियोगिताएं और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कालाअंब मुख्य बस स्टॉप पर बना शौचालय अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जिसे सुचारु करवाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। विशेष रूप से महिलाओं के लिए बेहतर शौचालय व्यवस्था उपलब्ध करवाने पर जोर रहेगा।
सोमनाथ ने कहा कि स्थानीय उद्योगों और पंचायत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने पंचायत क्षेत्र के स्कूलों के सौंदर्यकरण, स्वच्छ वातावरण और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की बात कही। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को घर-द्वार पर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में भी काम करने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि सोमनाथ भाटिया कालाअंब रोड सेफ्टी क्लब के अध्यक्ष भी हैं और समय-समय पर सड़क सुरक्षा एवं जन जागरूकता अभियान चलाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत में पेयजल, बिजली, नालियों की सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
