पांवटा साहिब : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में हत्या के आरोप में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांवटा साहिब कपिल शर्मा की अदालत ने हत्या के दोषी मनीष पुत्र सतीश, वार्ड नंबर 9 मद्रासी कॉलोनी देवीनगर पांवटा साहिब को उम्रकैद के साथ साथ 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को IPC की धारा 302 और 201 के तहत दोषी करार दिया।
उपजिला न्यायवादी जतिंद्र शर्मा ने बताया कि 4 अगस्त 2021 को लक्ष्मी पत्नी रासा निवासी मद्रासी कॉलोनी नंबर 15, नजदीक देहरादून रेलवे स्टेशन रेस्ट कैंप देहरादून उत्तराखंड ने पांवटा साहिब पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत में बताया गया कि उसका बेटा सूरज अपनी पत्नी और बच्चों के साथ वार्ड नंबर 7 देवीनगर पांवटा साहिब में रहता है और 27 जुलाई 2021 की शाम करीब चार बजे से लापता है। बाद में 29 जुलाई 2021 को उसका शव हरियाणा के छछरोली में यमुना नदी किनारे मिला।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी मनीष काफी समय से उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था, जिसको लेकर सूरज और मनीष के बीच बहस भी हुई थी। जिस दिन सूरज लापता हुआ, उस दिन उसे एक फोन आया था। परिवार ने तलाश के दौरान यमुना पुल के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो 27 जुलाई 2021 को सूरज के साथ आरोपी मनीष को रिक्शा में विकासनगर की ओर जाते देखा गया।
इसके बाद पांवटा साहिब पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। मामले की पैरवी उपजिला न्यायवादी जतिंद्र शर्मा ने की, जबकि जांच इंस्पेक्टर अशोक चौहान ने अमल में लाई थी। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
