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तकनीकी कर्मचारियों के लिए चिन्हित कमरे किसे बांटे जा रहे? यूनियन ने उठाए आवंटन पर सवाल, जांच की मांग

तकनीकी कर्मचारी यूनियन HPSEBL सिरमौर ने जिला के विभिन्न मंडलों और उप-मंडलों में सब-स्टेशन स्टाफ के लिए चिन्हित कमरों के आवंटन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग उठाई है। यूनियन का कहना है कि निर्धारित नियमों और बोर्ड प्रबंधन के निर्देशों की अनदेखी कर आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।

नाहन : तकनीकी कर्मचारी यूनियन HPSEBL सिरमौर ने जिला के विभिन्न मंडलों और उप-मंडलों में सब-स्टेशन स्टाफ के लिए चिन्हित कमरों के आवंटन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग उठाई है। यूनियन का कहना है कि निर्धारित नियमों और बोर्ड प्रबंधन के निर्देशों की अनदेखी कर आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।

तकनीकी कर्मचारी यूनियन HPSEBL सिरमौर के अध्यक्ष इरशाद रहमान और सचिव वीरेंद्र कुमार ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ द्वारा जारी पत्र में प्रत्येक डिवीजन की आवंटन समिति में यूनियन पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर कमरों के आवंटन के दौरान समिति में शामिल यूनियन प्रतिनिधियों को न तो बैठक की सूचना दी गई और न ही उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की गई।

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उन्होंने आरोप लगाया कि सब-स्टेशन स्टाफ के लिए चिन्हित कमरे अन्य कर्मचारियों को आवंटित किए जा रहे हैं, जबकि तकनीकी कर्मचारी चौबीसों घंटे विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को उनके लिए निर्धारित मूलभूत सुविधाओं से वंचित करना उचित नहीं है।

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि जिला सिरमौर के विभिन्न विद्युत बोर्ड परिसरों में स्थित अनेक आवासीय कमरे और विश्राम गृह जर्जर अवस्था में हैं। कमरों की मरम्मत और रखरखाव के लिए समय-समय पर धनराशि उपलब्ध करवाई जाती है, लेकिन उसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। इसके कारण कर्मचारियों को रहने योग्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

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उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर तकनीकी कर्मचारियों को अपने निजी खर्च पर कमरों की मरम्मत करवानी पड़ रही है, ताकि वे वहां रह सकें और अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर सकें। यूनियन के अनुसार यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है और प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाती है।

यूनियन ने मांग की है कि सब-स्टेशन स्टाफ के लिए चिन्हित कमरों का आवंटन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए, आवंटन प्रक्रिया में समिति के सभी नामित सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और जर्जर कमरों की शीघ्र मरम्मत कर उन्हें रहने योग्य बनाया जाए।

इरशाद रहमान और वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस संबंध में अधीक्षण अभियंता नाहन, अधीक्षण अभियंता टूटू शिमला और अधीक्षण अभियंता जेनरेशन नाहन को पत्र भेजकर मामले से अवगत करवाया गया है। साथ ही हिमाचल प्रदेश की राज्य कार्यकारिणी को भी इस विषय की जानकारी दी गई है। यूनियन ने मांग की है कि अब तक किए गए आवास आवंटनों की जांच करवाई जाए, ताकि तकनीकी कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित हो।

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो तकनीकी कर्मचारी यूनियन कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आगामी रणनीति तय करने को बाध्य होगी।

Aapki Baat News Desk
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