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गुलेरी जयंती पर लदरौर में सजी कवियों की महफिल, साहित्यकारों ने किया रचनात्मक योगदान का स्मरण

साहित्यकार पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की जयंती के उपलक्ष्य पर भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग ने मंगलवार को लदरौर के संतोषी माता मंदिर के परिसर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया।

भोरंज : हिमाचल प्रदेश के महान साहित्यकार पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की जयंती के उपलक्ष्य पर भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग ने मंगलवार को लदरौर के संतोषी माता मंदिर के परिसर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया।

दो सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में हिम गुरुकुल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के चेयरमैन राजेश ठाकुर ने मुख्य अतिथि और संतोषी माता मंदिर की कमेटी के अध्यक्ष बलदेव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। जबकि, कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ ओपी शर्मा ने की। कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया।

इस अवसर पर जिला के साहित्यकारों एवं कवियों का स्वागत करते हुए जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने बताया कि भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग हर वर्ष हिमाचल प्रदेश की महान विभूतियों की जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित करता है, ताकि इन महान विभूतियों द्वारा अपने अपने क्षेत्र में समाज के पथ प्रदर्शन की दिशा में किए गए महत्त्वपूर्ण योगदान का वर्तमान तथा आने वाली पीढ़ी को स्मरण रहे और उनके द्वारा दर्शाए गए पथ का अनुसरण करती रहे।

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संतोष कुमार पटियाल ने कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी का जन्म 7 जुलाई, 1883 को जयपुर में हुआ था। इनके वंशज कांगड़ा के गुलेर ग्राम निवासी ब्राह्मण कुल से थे और इनके पिता पंडित शिव कुमार जयपुर के राज पुरोहित थे। अपने नाम के आगे गुलेरी जोड़कर इन्होंने हिमाचल को एक अलग पहचान प्रदान की थी।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में डॉ. ओपी शर्मा ने गुलेरी जी का लेखन साहित्य का सशक्त आधार तथा रत्न चंद रत्नाकर ने गुलेरी की कहानियों में मानव मूल्यों का निरूपण विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किए। द्वितीय सत्र में कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया, जिसमें देश राज कमल, रवि दत्त, दलीप सिंह, होशियार सिंह, अशोक कुमार सोनी, केसर सिंह पटियाल, केहर सिंह मित्र, राकेश कुमार, अच्छर सिंह, कमलेश कुमारी, डॉ. पिंकी शर्मा, डॉ सुशीला गौतम, संतोष कुमारी, नीलम कुमारी, बॉबी शर्मा और अन्य कवियों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। मंच संचालन की भूमिका रत्न चंद रत्नाकर ने निभाई।

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