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87 एनएसएस स्वयंसेवियों को मिले प्रमाणपत्र, 20880 घंटे के श्रमदान से पेश की समाज सेवा की मिसाल

डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने बुधवार को आयोजित समारोह में स्नातक उत्तीर्ण 87 स्वयंसेवियों को एनएसएस प्रमाणपत्र वितरित किए।

नाहन : डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने बुधवार को आयोजित समारोह में स्नातक उत्तीर्ण 87 स्वयंसेवियों को एनएसएस प्रमाणपत्र वितरित किए।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की सकारात्मक सोच है। उन्होंने कहा कि एनएसएस छात्रों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करती है। समाज सेवा से प्राप्त अनुभव जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होते हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर प्राचार्य ने महाविद्यालय के पूर्व वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी, एनएसएस सिरमौर डॉ. पंकज चांडक के चार वर्षों के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में स्वयंसेवियों ने रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, सड़क सुरक्षा, नशा निवारण, साइबर जागरूकता, मतदाता जागरूकता, योग, फिट इंडिया, माय भारत और विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार सहित अनेक सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। कई स्वयंसेवियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भाग लेकर महाविद्यालय का नाम भी रोशन किया।

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डॉ. पंकज चांडक ने बताया कि प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले 87 स्वयंसेवियों ने अपने एनएसएस कार्यकाल के दौरान 20,880 घंटे से अधिक का निःशुल्क श्रमदान कर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्वयंसेवियों से भविष्य में भी सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखने का आह्वान किया।

समारोह में एनएसएस सलाहकार प्रो. विवेक नेगी, कार्यक्रम अधिकारी प्रो. ट्विंकल राठी और सेवानिवृत्त कार्यालय अधीक्षक सुरेश शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एनएसएस ने उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता का विकास किया।

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