राजगढ़ : जिला सिरमौर के राजगढ़ क्षेत्र के टमाटर उत्पादक किसान इन दिनों टमाटर के दामों में आई भारी गिरावट से परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह में मंडियों में भाव तेजी से लुढ़कने के कारण किसानों के लिए उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि मौजूदा कीमतों पर दवाइयों, मजदूरी, पैकिंग और परिवहन का खर्च निकालना भी चुनौती बन गया है।
शनिवार को प्रदेश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी सोलन में हिमसोना टमाटर अधिकतम 350 रुपये प्रति क्रेट, जबकि हाइब्रिड टमाटर 200 से 250 रुपये प्रति क्रेट के भाव बिका। आढ़ती विनोद कुमार ने बताया कि बेंगलुरु से देश की विभिन्न मंडियों में बड़ी मात्रा में टमाटर की आवक से बाजार में आपूर्ति बढ़ गई है, जिससे कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अच्छी पैदावार और बेहतर दाम मिलने से किसानों की आय बढ़ी थी, लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह उलट है।
प्रगतिशील किसान प्रीतम सिंह ठाकुर, चुन्नीलाल ठाकुर, दाताराम ठाकुर और जबर सिंह ठाकुर ने बताया कि पानीपत, दिल्ली, चंडीगढ़ और सोलन मंडियों में हाइब्रिड टमाटर 200 से 250 रुपये और हिमसोना अधिकतम 350 रुपये प्रति क्रेट बिक रहा है। ऐसे में वाहन किराया, मजदूरी और अन्य खर्च निकालने के बाद किसानों के हाथ केवल 50 से 100 रुपये प्रति क्रेट बचत हो रही है।
किसानों ने बताया कि राजगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर टमाटर, फ्रेंचबीन और शिमला मिर्च का उत्पादन होता है। टमाटर यहां की प्रमुख नकदी फसल है और इसी पर अधिकांश किसानों के परिवारों की आजीविका निर्भर करती है। उनका कहना है कि अधिकांश किसान हाइब्रिड टमाटर की खेती करते हैं, जबकि बेहतर दाम मिलने के बावजूद हिमसोना किस्म का उत्पादन अपेक्षाकृत कम है।
ट्रांसपोर्टर प्रदीप ब्रागटा ने बताया कि सीजन की शुरुआत में टमाटर 600 से 700 रुपये प्रति क्रेट तक बिक रहा था, लेकिन बीते एक सप्ताह में कीमतों में भारी गिरावट आई है। हालांकि, इस वर्ष लहसुन और फ्रेंचबीन के अच्छे दाम मिलने से किसानों को कुछ राहत जरूर मिली है।
