HomeHimachalShimla750 स्कूल ऐसे खोले, जहां न बच्चे थे न शिक्षक; संस्थान बंद...

750 स्कूल ऐसे खोले, जहां न बच्चे थे न शिक्षक; संस्थान बंद करने पर विधानसभा में छिड़ी तीखी बहस

हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के आठवें दिन प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान बंद, विलय या डिनोटिफाई किए गए संस्थानों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।

शिमला : हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के आठवें दिन प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान बंद, विलय या डिनोटिफाई किए गए संस्थानों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों रणधीर शर्मा व त्रिलोक जम्वाल ने सरकार से विभागवार और विधानसभा क्षेत्रवार संस्थानों का ब्यौरा मांगा। साथ ही दोबारा खोले गए संस्थानों के भवनों की स्थिति और उन्हें बंद करने के बाद फिर शुरू करने के कारणों की जानकारी भी मांगी गई।

सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सरकार ने जरूरत के आधार पर संस्थानों को खोला और ऐसे संस्थान बंद किए गए, जहां उनकी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए संस्थान खोले थे।

ये भी पढ़ें:  3 साल में हिमाचल के खनिज राजस्व में 70% की बढ़ोतरी, CM सुक्खू ने अवैध खनन पर सख्ती और पर्यावरण संरक्षण के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री के अनुसार भाजपा के कार्यकाल में करीब 750 ऐसे स्कूल खोले गए, जहां न विद्यार्थी थे और न शिक्षक। शिक्षा मंत्री और अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद ऐसे संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी ऐसे संस्थान खोले गए थे, जहां डॉक्टर और अन्य स्टाफ उपलब्ध नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जरूरत के आधार पर संस्थान खोले हैं और भविष्य में भी जनता की आवश्यकता के अनुसार संस्थान खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं संस्थानों को बंद किया गया, जिनकी जरूरत नहीं थी।

इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब साढ़े तीन साल बाद इस सवाल का जवाब आया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 2035 संस्थान बंद किए, जिनमें से 123 को दोबारा खोल दिया गया। जयराम ने सवाल किया कि अगर ये संस्थान जरूरी थे तो इन्हें बंद क्यों किया गया और इन्हें बंद करने के लिए क्या मापदंड तय किए गए थे।

ये भी पढ़ें:  सिरमौर की ड्रोन दीदी को राष्ट्रपति का निमंत्रण, जानें कौन है ये 22 साल की लड़की

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार पांच साल के लिए चुनी जाती है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार बनने के दो दिन बाद ही कैसे पता चल गया कि स्कूलों में बच्चे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता की मांग पर संस्थान खोले थे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भाजपा की सरकार बनने पर मौजूदा सरकार के पांच साल के फैसलों की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के समय पेपर बेचे जाते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सबोर्डिनेट सिलेक्शन बोर्ड को बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री ने जयराम ठाकुर पर चुनाव से छह महीने पहले संस्थान खोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार चुनाव के छह महीने पहले संस्थान खोलने में विश्वास नहीं रखती।

ये भी पढ़ें:  अगले शैक्षणिक सत्र से एडमिशन फॉर्म में नहीं होगा जाति का कॉलम, CM सुक्खू ने दिए निर्देश

इस दौरान संस्थानों को बंद करने और दोबारा खोलने को लेकर सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Deskhttps://aapkibaatnews.com
आपकी बात न्यूज डेस्क देश, प्रदेश और स्थानीय स्तर की हर महत्वपूर्ण खबर को तेज, विश्वसनीय और तथ्यात्मक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, प्रशासन, शिक्षा, अपराध, मनोरंजन और जनसरोकार से जुड़े हर मुद्दे पर सटीक जानकारी और प्रभावशाली प्रस्तुति हमारी प्राथमिकता है, ताकि पाठकों को हर बड़ी अपडेट एक ही मंच पर मिल सके।

Latest Articles

Explore More