नाहन : जिला सिरमौर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 8,409 मामलों को सुनवाई के लिए लिया गया, जिनमें से 4,543 मामलों का मौके पर ही आपसी समझौते से निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 6,36,57,136 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी रजामंदी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर के सचिव नवकमल ने बताया कि लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन और पोस्ट-लिटिगेशन मामलों के अलावा मोटर व्हीकल एक्ट से संबंधित मामलों को भी सुनवाई के लिए रखा गया।
प्री-लिटिगेशन मामलों में 1,036 मामले विचारार्थ लिए गए, जिनमें से 148 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 10,33 ,011 रुपये की समझौता राशि तय हुई।
वहीं, विभिन्न न्यायालयों में लंबित 641 पोस्ट-लिटिगेशन मामलों को लोक अदालत में रखा गया। इनमें से 499 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 5,92,51,925 रुपये की रिकॉर्ड सेटलमेंट राशि अवार्ड की गई।
मोटर व्हीकल एक्ट के मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। कुल 6,732 मामलों को सुनवाई के लिए लिया गया, जिनमें से 3,896 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इन मामलों में 33,72,200 रुपये की जुर्माना/समझौता राशि तय हुई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नवकमल ने कहा कि लोक अदालत न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ लोगों के समय और धन की भी बचत करती है।
आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से समाज में सौहार्द और भाईचारा भी कायम रहता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने विवादों को लंबे समय तक अदालतों में चलाने के बजाय लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते से सुलझाने को प्राथमिकता दें।
ऊना में 6194 मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण
ऊना : जिला एवं सत्र न्यायालय ऊना एवं जिला उपमंडल अंब स्थित न्यायालय परिसर में आज (शनिवार) को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी समझौते एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के आधार पर निपटारा किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 6,194 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों के निपटारे के दौरान कुल 5,52,39,009 रुपये की राशि का समझौता हुआ। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों को समझौते के आधार पर निपटाने के लिए सुनवाई की गई।
इनमें विभिन्न प्रकार के अपराधों से संबंधित कंपाउंडेबल मामले, दीवानी विवाद, चेक बाउंस के मामले, धारा 138 के तहत एनआई से संबंधित मामले, उपभोक्ता शिकायतों तथा मोटर व्हीकल चालान से संबंधित मामले शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आमजन को सुलभ, त्वरित एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध करवाना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अपने विवादों का समाधान कर सकते हैं, जिससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी सहायता मिलती है।
सोलन में।9946 मामलों का निपटारा
सोलन : राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज सोलन ज़िला के सभी न्यायालयों में किया गया। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव प्रशांत सिह नेगी ने दी।
प्रशांत सिंह नेगी ने कहा कि ज़िला सोलन के उपमण्डल नालागढ़, कसौली, अर्की, कण्डाघाट तथा सोलन मुख्यालय में 15 लोक अदालत बैंचों का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि सितंबर माह में प्र्री लोक अदालत सीटिंगस भी करवाई गई। इन लोक अदालतों का आयोजन ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन शरद कुमार लगवाल की अध्यक्षता में किया गया।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर कुल 12275 मामलों को सुनवाई के लिए प्र्री लोक अदालत सीटिंगस एवं लोक अदालत की विभिन्न बैंचों के समक्ष रखा गया।
इनमें से 9946 मामलों का निपटारा विभिन्न पक्षों की आपसी सहमति से किया गया। इन मामलों में कुल समझौता राशि 10,40,57,262 रुपए रही।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में 10859 मोटर वाहन चलानों को भी विभिन्न बैंचों के समक्ष रखा गया। इसमें से कुल 9065 मामलों का निपटारा किया गया।
