चंबा : मानसून-2026 के दौरान फ्लैश फ्लड, बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने से हुए नुकसान का मौके पर आकलन करने अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) चंबा पहुंची।
टीम ने चुवाड़ी में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और इसके बाद भटियात क्षेत्र के आपदा प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आपदा प्रबंधन-II) एवं आईएमसीटी के अध्यक्ष एम. रामचंद्रुडु की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले में मानसून के दौरान हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी गई। अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने बैठक का संचालन किया।
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से केंद्रीय टीम को सड़क, पेयजल, बिजली व्यवस्था, मकानों और भवनों के नुकसान के साथ जन-धन की हानि, कृषि, पशुपालन और शिक्षा क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की स्थिति से भी टीम को अवगत करवाया।
बैठक के बाद केंद्रीय टीम ने भटियात के कालीघार, टिकर गला सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने मौके पर हुए नुकसान को देखा और राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की प्रगति की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।
आईएमसीटी में जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय जल आयोग के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के गेहूं विकास निदेशालय गुरुग्राम के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिशासी अभियंता शाश्वत मोहपात्रा, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के उप निदेशक कनव दुआ और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), इसरो के वैज्ञानिक डॉ. शशिवर्धन रेड्डी शामिल रहे।
बैठक में अतिरिक्त सचिव राजस्व सुनील वर्मा, एसडीएम भटियात मनीष सोनी, तहसीलदार जय चंद, डीएफओ डॉ. कुलदीप जमवाल, बीडीओ अनिल गुराडा, अधिशासी अभियंता राकेश ठाकुर, नरेंद्र चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
