शिमला : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने वाली बयानबाजी, हिंसा और अराजकता को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और उनसे जुड़े आरोपों ने कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, जिनका जवाब पार्टी नेतृत्व को देना चाहिए।
संजीव कटवाल ने कहा कि ‘रेजीम चेंज’ के नाम पर जिस प्रकार की चर्चाएं और कथित योजनाओं के दावे सामने आ रहे हैं, वे गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां सरकार बदलने का एकमात्र संवैधानिक रास्ता जनता का जनादेश है।
किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी अथवा असंवैधानिक गतिविधि के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की सोच लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्यों को देश के सामने रखा जाना चाहिए।
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सनातन धर्म और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सोच को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयान और राजनीतिक गतिविधियां करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता प्रदर्शित करती हैं। कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी धर्म, आस्था अथवा सांस्कृतिक परंपरा का अपमान उचित नहीं है।
राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पार्टी सभी धार्मिक आस्थाओं के प्रति समान सम्मान की नीति पर क्यों नहीं चलती दिखाई देती।
कटवाल ने दिल्ली में आयोजित राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि भीड़ जुटाने के लिए लोगों को 6,000 से 10,000 रुपये तक दिए जा रहे हैं तथा काले कोट पहनने जैसी शर्तें रखी गई हैं।
उन्होंने कहा कि इन दावों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। यदि इनमें सच्चाई पाई जाती है तो यह राजनीतिक नैतिकता और जनविश्वास से जुड़ा गंभीर प्रश्न होगा। उन्होंने कहा कि जनसमर्थन जनता के विश्वास से अर्जित होता है, धनबल से नहीं।
संजीव कटवाल ने एनएसयूआई कार्यकर्ता द्वारा एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों, विशेषकर महिला अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेतृत्व ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई और कानून के समान अनुपालन का समर्थन करता है।
उन्होंने राजस्थान में दिल्ली पुलिस के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराए जाने से जुड़े आरोपों पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कटवाल ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई पर कानूनी आपत्ति उठाना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन किसी भी मामले में तथ्यों और विधिक प्रक्रिया का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।

