नाहन कॉलेज में छात्रवृत्ति योजनाओं से संवर रहा भविष्य, अब तक 52 विद्यार्थी इस योजना से जुड़े

0

नाहन : हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री के गतिशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर युवा को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दृष्टिकोण को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं सिरमौर जिला के डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रख रही हैं।

सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए केंद्रीय प्रायोजित “पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना” एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य उनके शैक्षिक विकास को बढ़ावा देना और सामाजिक समानता सुनिश्चित करना है। नाहन कॉलेज में अब तक 52 विद्यार्थी इस योजना से जुड़े हैं। इस योजना के अंतर्गत दैनिक छात्र के लिए इस योजना में ₹3000 प्रति वर्ष और “छात्रावास निवासी छात्र” के लिए ₹6000 प्रति वर्ष की सहायता दी जाती है।

ये भी पढ़ें:  हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय में खुलेंगे नैफ्रोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग : मुख्यमंत्री

इस योजना का उद्देश्य शिक्षा में समावेशन, वित्तीय सहायता और समानता को बढ़ावा देना है। यह योजना छात्रों को समान अवसर प्रदान करती है, जिससे वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और समाज में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकें। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए छात्रों की परिवारिक आय 2,50,000 रुपये प्रति वर्ष से कम होनी चाहिए। यह योजना उन छात्रों के लिए है जो पोस्ट मैट्रिक में पढ़ाई कर रहे हैं।

छात्रवृत्ति की राशि छात्र की शैक्षिक संस्थान की फीस, किताबों और अन्य आवश्यक खर्चों की पूर्ति करती है। इस छात्रवृत्ति को प्राप्त करने के लिए छात्र अपने राज्य के शिक्षा विभाग संबंधित वेबसाइट https://scholarships.gov.in (राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। योजना के लिए जरूरी दस्तावेज़ जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाण पत्र और शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

ये भी पढ़ें:  पांवटा साहिब: पुरूवाला में चरस के साथ एक गिरफ्तार