चंबा : डीसी व जिला जनगणना अधिकारी मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जिला में जनगणना-2027 दो चरणों में की जाएगी, जो स्वतंत्र भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण की जनगणना 12 मई से 11 जून तक होगी। जनगणना के सफल एवं सुचारू संचालन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी ने कहा कि पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। अब जनगणना–2027 देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना की जाएगी, जिसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा 3 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत जनगणना के समय, कर्मियों (प्रगणकों) द्वारा 33 प्रश्न पूछे जाएंगे जिसमें आवास की स्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई ईंधन, इंटरनेट एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित प्रश्न शामिल रहेंगे।
डीसी ने बताया कि जनगणना-2027 के अंतर्गत आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ ऐनुमैरेशन) सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि घर-घर जनगणना शुरू होने से 15 दिन पहले नागरिक 27 अप्रैल से 11 मई तक नागरिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना के लिए निर्धारित की गई सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित बनाएं।
मुकेश रेपसवाल ने कहा कि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना सितंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय वैवाहिक स्थिति, प्रवास, मातृभाषा आदि जानकारी शामिल रहेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना–2027 के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सहयोग प्रदान करें और प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा, जिला राजस्व अधिकारी विक्रम जीत सिंह, ओएसडी उमाकांत सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


