शिमला : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 87 वर्षीय मेजर मनकोटिया का मंगलवार सुबह कांगड़ा जिले में निधन हो गया। उनके निधन से हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में एक अनुभवी और मुखर व्यक्तित्व का अध्याय समाप्त हो गया।
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल एवं शांता कुमार, सांसद सुरेश कश्यप, डॉ. राजीव भारद्वाज एवं कंगना रनौत, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार एवं हर्ष महाजन, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, पायल वैद्य, बिक्रम ठाकुर एवं सतपाल सिंह सत्ती सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया का जीवन राष्ट्रसेवा और जनसेवा का अनूठा संगम था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में देश की सेवा की। सैन्य पृष्ठभूमि से आए मनकोटिया ने अनुशासन, स्पष्टवादिता और निर्भीकता को अपने सार्वजनिक जीवन में भी बनाए रखा।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया और प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रहते हुए पर्यटन, नागरिक उड्डयन और कानून जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। करीब चार दशक के लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने विभिन्न राजनीतिक मंचों पर कार्य किया और हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
जगत प्रकाश नड्डा ने अपने शोक संदेश में कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन हिमाचल प्रदेश के सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है। सेना में रहते हुए देश की सेवा और बाद में जनप्रतिनिधि के रूप में प्रदेश की सेवा के लिए उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मेजर मनकोटिया एक स्पष्टवादी, निर्भीक और अनुभवी जननेता थे। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन हिमाचल की राजनीति के अनेक महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी रहा। उन्होंने अपनी बात पूरी दृढ़ता के साथ रखने की जो शैली विकसित की, वह उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान थी।
बिंदल ने कहा, “एक सैनिक से लेकर जनप्रतिनिधि और मंत्री तक मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा राष्ट्र और हिमाचल प्रदेश की सेवा में समर्पित किया। उनका निधन प्रदेश के सार्वजनिक जीवन की अपूरणीय क्षति है।”
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मेजर मनकोटिया ने सैनिक और राजनेता दोनों भूमिकाओं में प्रदेश एवं देश की सेवा की। कांगड़ा और विशेष रूप से शाहपुर क्षेत्र के साथ उनका दशकों पुराना जुड़ाव रहा। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव और बेबाक व्यक्तित्व हमेशा याद किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार ने भी मेजर मनकोटिया के निधन को प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक हिमाचल के जनहित से जुड़े विषयों को मुखरता से उठाया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मेजर मनकोटिया की पहचान केवल एक राजनेता के रूप में नहीं थी। भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में देश के प्रति उनका समर्पण, जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के साथ उनका जुड़ाव और सार्वजनिक जीवन में उनकी स्पष्टवादिता उनके व्यक्तित्व की स्थायी पहचान रहेगी।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन उनके परिवार और समर्थकों के साथ-साथ पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए दुःखद क्षण है।
