किन्नौर/शिमला : किन्नौर जिले की चगांव पंचायत के याशंग गांव में बुधवार सुबह लौदांग पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। भूस्खलन से खेतों, बगीचों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क मलबे से बंद होने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
भूस्खलन से स्थानीय ग्रामीण विजय पाल के खेतों और बगीचों को भारी क्षति पहुंची है। साथ ही गांव की मुख्य पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने जलविद्युत परियोजना के कारण पहाड़ कमजोर होने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से विशेषज्ञों के माध्यम से वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसून के फिर सक्रिय होने की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 18 से 21 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश, जबकि 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में खतरा और बढ़ सकता है।
पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश में मानसून कमजोर रहने के कारण उमस बढ़ी हुई थी, लेकिन अब अगले चार दिनों तक बारिश का दौर तेज होने का पूर्वानुमान है।
