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अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में जुड़ा नया आयाम, 14 को होगा मंडी का प्रथम लिटरेचर फेस्टिवल, पोस्टर जारी

डीसी ने कहा कि ऐतिहासिक मंडी नगर अपनी स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समर्पित यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। मंडी से अनेक प्रतिष्ठित लेखक जुड़े रहे हैं और यहां की साहित्यिक परंपरा अत्यंत समृद्ध है।

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मंडी : डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में एक नया आयाम जोड़ते हुए 14 फरवरी को मंडी का प्रथम लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है, जिसे छोटी काशी साहित्य उत्सव नाम दिया गया है। उन्होंने इस अवसर पर उत्सव का आधिकारिक लोगो भी जारी किया।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक मंडी नगर अपनी स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समर्पित यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। मंडी से अनेक प्रतिष्ठित लेखक जुड़े रहे हैं और यहां की साहित्यिक परंपरा अत्यंत समृद्ध है। धर्मशाला, कसौली और शिमला में साहित्य उत्सव आयोजित होते रहे हैं, लेकिन मंडी में ऐसा आयोजन न होना खटक रहा था। इसी सोच के साथ इस वर्ष महोत्सव के अंतर्गत साहित्य उत्सव को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन 14 फरवरी को संकन गार्डन में होगा और सुप्रसिद्ध लेखक राजा भसीन प्रथम लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि यह फेस्टिवल आगे चलकर और विस्तृत स्वरूप ले और स्थायी पहचान बनाए।

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पांच सत्रों में विविध विषयों पर चर्चा
उत्सव के अंतर्गत पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र में मंडयाली लोक साहित्य एवं समकालीन साहित्य विषय पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में कैमरा, मंडी कलम और रंगमंच के माध्यम से मंडी की कलात्मक अभिव्यक्ति पर संवाद आयोजित किया जाएगा। तीसरे सत्र में किस्सों की विरासत- लोक कथा से बाल कथा तक विषय पर विचार-विमर्श होगा।

चौथे सत्र में युवा लेखन एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर चर्चा की जाएगी, जबकि पांचवें सत्र में प्राचीन पारंपरिक साहित्यिक शैलियों के विकास पर विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त साहित्य क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। सायंकाल गजल संध्या भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगी।

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15 फरवरी को दूसरी ब्यास आरती
उपायुक्त ने बताया कि 15 फरवरी को दूसरी ब्यास आरती का आयोजन भी किया जाएगा। इस आरती का संचालन करने के लिए बनारस से पांच विद्वान आमंत्रित किए गए हैं। पत्रकार वार्ता में महोत्सव की तैयारियों, विभिन्न आयोजनों और व्यवस्थाओं की रूपरेखा पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।