शिमला : हिमाचल को मिलने वाली आरडीजी (रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) बंद होने के बाद उत्पन्न आर्थिक हालात पर मंथन के लिए राज्य सरकार ने 13 फरवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में होने वाली इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है, ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति से निपटने के लिए सामूहिक रणनीति तय की जा सके।

बता दें कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद कर दी है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है और वित्तीय संतुलन प्रभावित हुआ है। इसी स्थिति पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार सभी दलों से सुझाव लेने के बाद आगे की कार्ययोजना तय करेगी।
बैठक में राजनीतिक दलों से आग्रह किया गया है कि वे राज्यहित को ध्यान में रखते हुए अपने विचार रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि यदि भाजपा के नेता सहमत हों तो वे उनके साथ दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने को तैयार हैं, क्योंकि राज्य सरकार का मानना है कि इस मुद्दे का समाधान केंद्र स्तर पर बातचीत से ही संभव होगा।



