शिमला : बीते दिनों से लगातार हो रही ओलावृष्टि से जिला शिमला की जुन्गा तहसील की ग्राम पंचायत कोटी, जुन्गा, पधेची, दरभोग, सतलाई, पीरन, बलोग पंचायत सहित काफी क्षेत्रों में विशेषकर नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कोटी पंचायत के फनेवट गांव के कृष्ण दत शर्मा, यशपाल ठाकुर, चुन्नी लाल नेगी, रामस्वरूप ने बताया कि बीते रोज इस क्षेत्र में करीब तीन इंच ओलावृष्टि हुई है, जिससे टिक्करी, ठांठिया, बणी, फनेवट व शवालठी गांव में फ्रैंचबीन, आलू, गोभी व मटर इत्यादि फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं।
इन क्षेत्रों में ओले गिरने से सेब पर लगे फूल और जालियां भी टूट कर नष्ट हो गई हैं। नकदी फसलें किसानों की आय का एक मात्र साधन हैं, लेकिन भारी ओलावृष्टि होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जुन्गा के गांव खील कजेवड़ा, बणकटी, टिक्करी, गवाणा में भी बीते रोज भारी ओलावृष्टि से किसानों की नकदी फसलें तबाह हो गईं।
खील कजेवड़ा के दुर्गा सिंह ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष किसानों को फसल के बीज की कीमत भी नहीं मिल पाएगी और इस वर्ष किसानों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करनी मुश्किल हो जाएंगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत दरभोग के गांव कटैंया मझार, सेर डगोण, कूफटू और सतलाई पंचायत के कई गांवों में भी ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
दरभोग पंचायत के कृष्णा नंद शर्मा, ओम प्रकाश, वेद प्रकाश सहित आदि ने बताया कि उनके क्षेत्र में टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रैंचबीन, फूलगोभी और बंद गोभी की फसलें नष्ट हो गई हैं। कृष्णा नंद शर्मा ने बताया कि इन क्षेत्रों में बीते सप्ताह से कई बार ओलावृष्टि हुई है।
किसानों ने सरकार से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की गुहार लगाई है। उधर, नायब तहसीलदार जुन्गा राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि जुन्गा तहसील में भारी ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
