शिमला : हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता (Kavinder Gupta) ने अपने सरकारी काफिले की गाड़ियां आधी करने के साथ-साथ लोक भवन में “पेट्रोल-फ्री संडे” लागू करने का ऐलान कर दिया है। इतना ही नहीं, अब गैर जरूरी बैठकों को ऑनलाइन किया जाएगा और राज्यपाल ने हालात सामान्य होने तक सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल न करने का भी फैसला लिया है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की ईंधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता के आह्वान के समर्थन में राज्यपाल ने ये बड़ा कदम उठाया। इसके साथ ही लोक भवन को ईंधन संरक्षण क्षेत्र यानी फ्यूल कंजर्वेशन जोन घोषित कर दिया गया है।
राज्यपाल ने घोषणा की है कि अब लोक भवन में हर रविवार ‘पेट्रोल-फ्री संडे’ मनाया जाएगा। इस दिन किसी भी आधिकारिक वाहन में आयातित ईंधन का इस्तेमाल नहीं होगा। सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या सामूहिक यात्रा व्यवस्था के माध्यम से संचालित किया जाएगा, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके।
राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि गैर-जरूरी बैठकों को अब ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा और सरकारी कार्यक्रमों को एक साथ समायोजित कर वाहन आवाजाही घटाई जाएगी। राज्यपाल के आधिकारिक काफिले में सामान्य तौर पर करीब 10 वाहन शामिल रहते हैं, जिन्हें अब आधा किया जा रहा है।
बड़ा फैसला लेते हुए राज्यपाल ने घोषणा की कि पश्चिम एशिया संकट समाप्त होने और वैश्विक ईंधन कीमतों के स्थिर होने तक वे किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब देशभर से ईंधन बचाने की अपील की जा रही है, तब सबसे अधिक ईंधन खर्च करने वाले साधनों का उपयोग उचित नहीं माना जा सकता।
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से भी इस मुहिम में शामिल होने की अपील की है। साथ ही युवाओं से राष्ट्र निर्माण और ऊर्जा संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।
